गुजरात बोर्ड का बड़ा फैसला: कक्षा 10वीं में अब 3 भाषाएं पढ़ना अनिवार्य; वोकेशनल बना 8वां विषय, कक्षा 9वीं में जुड़ेगा नया सब्जेक्ट ‘व्यक्ति और समाज जीवन’

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सूरत/गांधीनगर। गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSEB) ने नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत स्कूली पाठ्यक्रम और विषय ढांचे (Syllabus Structure) में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए अब तीन भाषाएं (Three Languages) पढ़ना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।

यह नया नियम इस वर्ष सूरत सहित पूरे गुजरात में कक्षा 10वीं में प्रवेश लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं पर तुरंत लागू होगा। अकेले सूरत जिले में ही इस बार कक्षा-10 में 92,347 छात्रों ने प्रवेश लिया है, जिन्हें इस नए नियम के तहत पढ़ाई करनी होगी।

🔥 सिलेबस बदलाव की 4 सबसे बड़ी बातें (Key Highlights):

  1. 3 भाषाएं अनिवार्य: अब छात्रों को अनिवार्य रूप से तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। इसमें तीसरी भाषा के रूप में हिंदी, संस्कृत, उर्दू, फारसी या बोर्ड द्वारा निर्धारित अन्य भाषा चुननी होगी।
  2. वोकेशनल अब विकल्प नहीं, अलग विषय: पहले छात्र तीसरी भाषा के बदले वोकेशनल विषय चुन लेते थे, लेकिन अब यह ऑप्शन खत्म कर दिया गया है। वोकेशनल विषय को अब एक अलग ‘8वें विषय’ के रूप में पढ़ाया जाएगा।
  3. कक्षा 9वीं में नया विषय: स्कूल पाठ्यक्रम में एक नया और बेहद महत्वपूर्ण विषय ‘व्यक्ति और समाज जीवन’ शामिल किया गया है।
  4. सभी विषयों में पास होना जरूरी: छात्रों द्वारा चुने गए सभी 8 विषयों की बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी और सभी में उत्तीर्ण (Pass) होना अनिवार्य होगा।

📋 कक्षा 9वीं के लिए नया विषय ढांचा (सत्र 2027-28 से लागू)

बोर्ड ने कक्षा-9 के लिए भी नया विषय ढांचा घोषित कर दिया है, जिसे अगले साल यानी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू किया जाएगा।

अब 4 की जगह होंगी सिर्फ 3 भाषाएं: कक्षा 9वीं में पहले चार भाषाओं का प्रावधान था, जिसे घटाकर अब तीन भाषाएं कर दिया गया है। इसके अलावा नए कोर्स में निम्नलिखित विषय शामिल होंगे:

  • गणित (Mathematics)
  • विज्ञान (Science)
  • सामाजिक विज्ञान (Social Science)
  • नया विषय: व्यक्ति और समाज जीवन
  • चित्रकला या संगीत (Art or Music)
  • योग-पीटी (Yoga-Physical Training)
  • वोकेशनल या कंप्यूटर विषय (Vocational or Computer)

💡 क्यों किया गया यह बदलाव?

यह पूरा फेरबदल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी (Multilingual) बनाना और साथ ही वोकेशनल स्किल्स (व्यावसायिक कौशल) को बढ़ावा देना है। अब वोकेशनल कोर्स को तीसरी भाषा के विकल्प से हटाकर अलग विषय बनाने से छात्र भाषा के साथ-साथ तकनीकी व व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकेंगे।

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