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Green Mobility Desk (18 July 2026): गोवा को प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ी छलांग लगाई है। मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ‘पीएम ई-ड्राइव योजना’ (PM E-Drive Scheme) के तहत 70 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
सचिवालय में ईंधन प्रबंधन और टिकाऊ गतिशीलता (Sustainable Mobility) को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पर्यावरण के हित में कई क्रांतिकारी नीतिगत निर्देश जारी किए हैं।
📌 इस बड़े फैसले के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 🔌 70 नए चार्जिंग स्टेशन: पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत पूरे गोवा में मजबूत ईवी चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
- 🏍️ 50% बंपर सब्सिडी: लाइसेंस धारी मोटरसाइकिल पायलटों (Goa Motorcycle Pilots) और ऑटो-रिक्शा चालकों को नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 50 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाएगी।
- 🛑 डीजल जनरेटरों पर बैन की तैयारी: औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में धीरे-धीरे डीजल जनरेटर (DG Sets) हटाकर सोलर और बैटरी बैकअप सिस्टम लागू किया जाएगा।
- 🚌 बसों का कायाकल्प: कादम्बा ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KTC) की पुरानी डीजल बसों को सीएनजी (CNG) इंजन में बदला जाएगा।

🛺 मोटर साइकिल पायलटों और ऑटो चालकों के लिए बड़ी राहत
गोवा की लाइफलाइन माने जाने वाले पारंपरिक मोटरसाइकिल पायलटों और ऑटो चालकों को ई-व्हीकल की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं:
सस्ती होगी ग्रीन सवारी: सीएम सावंत ने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग तथा परिवहन विभाग को तत्काल एक ऐसी योजना का मसौदा तैयार करने को कहा है, जिससे स्थानीय पायलटों और ऑटो-रिक्शा चालकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए 50% तक की भारी सब्सिडी मिल सके। इस कदम से न केवल चालकों की रोजाना की ईंधन लागत कम होगी, बल्कि पर्यटन राज्य गोवा की आबोहवा भी साफ-सुथरी बनी रहेगी।
🏢 इंडस्ट्रीज से हटने वाले डीजल जनरेटर, क्लीन एनर्जी पर जोर
समीक्षा बैठक में यह भी तय किया गया कि केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि कारखानों और व्यापारिक केंद्रों में भी प्रदूषण पर लगाम कसी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही एक नई नीति लाने वाली है:
- वैकल्पिक तकनीक: उद्योगों और कमर्शियल बिल्डिंग्स में चलने वाले भारी-भरकम डीजल जनरेटर से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए उन्हें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), सोलर पावर सॉल्यूशंस और अन्य टिकाऊ तकनीकों से बदला जाएगा।

🚍 KTC की पुरानी डीजल बसें अब चलेंगी CNG से
सार्वजनिक परिवहन को भी ग्रीन एनर्जी से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने कादम्बा ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KTC) को कड़े निर्देश दिए हैं। इसके तहत पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए निगम की पुरानी हो चुकीं सभी डीजल बसों में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) इंजन रेट्रोफिट (यानी पुराने इंजन को हटाकर नया सीएनजी सिस्टम लगाना) किए जाएंगे।




