drnewsindia.com / रायपुर/छत्तीसगढ़ | डिजिटल डेस्क: छत्तीसगढ़ में आज, 4 सितंबर को शुभ संयोगों के बीच भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। प्रदेश भर के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक लाइटों और देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया है। मध्यरात्रि ठीक 12 बजे महाआरती और जन्मोत्सव के लिए रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ सहित तमाम शहरों के मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई हैं।
🍯 जैतुसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुआ और दूधाधारी में 4 दिन उत्सव
- जैतुसाव मठ (पुरानी बस्ती): ठाकुरजी का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया गया है। रात 12 बजे जन्मोत्सव पर भगवान को 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। 5 सितंबर की शाम से प्रसाद वितरण होगा।
- दूधाधारी मठ: यहाँ जन्मोत्सव का पर्व 7 सितंबर (एकादशी) तक लगातार 4 दिनों तक चलेगा।
- समता कॉलोनी राधाकृष्ण मंदिर: सुबह भगवान का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। मंदिर व प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कोलकाता के कारीगरों द्वारा किया गया है।
- 156 साल पुराना बांके बिहारी मंदिर: नयापारा स्थित ऐतिहासिक मंदिर में सुबह दुग्धाभिषेक के बाद दिनभर भजन-कीर्तन के आयोजन जारी हैं।

🛕 इस्कॉन, गिरिराज व अन्य मंदिरों के मुख्य आकर्षण
| मंदिर का नाम | स्थान | मुख्य कार्यक्रम / विशेषता |
| इस्कॉन मंदिर | टाटीबंध, रायपुर | 3 दिवसीय महोत्सव, रात 9 बजे महाभिषेक, छप्पन भोग और कथक नृत्य। |
| गिरिराज मंदिर | बूढ़ापारा, रायपुर | देश के चारों धामों से लाई गई पवित्र सामग्री से पूजा-अर्चना। |
| गोपाल मंदिर | सदर बाजार, रायपुर | आज रात 12 बजे जन्मोत्सव; 5 सितंबर को नंद महोत्सव और पालना उत्सव। |
| श्याम व गौरीशंकर मंदिर | रायगढ़ | 2 दिनों तक सजेंगी आकर्षक झांकियां; अगले दिन सुबह विशाल भंडारा। |
🚓 सिटी कोतवाली थाने में होगा ‘कारागार से कृष्ण जन्म’ का सजीव मंचन
रायपुर के सिटी कोतवाली थाने में इस वर्ष भी अनूठी परंपरा निभाई जाएगी:
- सजीव मंचन: कलाकार वासुदेव, देवकी और पहरेदारों (सैनिकों) की वेशभूषा में भगवान के जन्म का जीवंत मंचन करेंगे।
- लाइट्स ऑफ व यात्रा: रात 12 बजते ही थाने की बत्तियां कुछ देर के लिए बंद कर दी जाएंगी। इसके बाद वासुदेव रूपी कलाकार बाल-गोपाल को टोकरी में सिर पर रखकर जयकारों के साथ कोतवाली से निकलकर सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर ले जाएंगे।




