जंतर-मंतर आंदोलन की गूंज: रीवा से दिल्ली रवाना हुए दर्जनों छात्र; ट्रेन के डिब्बों में लगे “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारे, वीडियो वायरल

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drnewsindia.com

रीवा-विंध्य ब्यूरो (25 जुलाई 2026): नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर चल रहे देशव्यापी छात्र आंदोलन को अब विंध्य क्षेत्र का भी बड़ा समर्थन मिल गया है। शनिवार को रीवा और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान पूरी ट्रेन “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “छात्र एकता जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों से गूंज उठी।

छात्रों के हाथों में पोस्टर, बैनर और तख्तियां थीं, जिनमें दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का कड़ा विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दर्ज थी। ट्रेन के भीतर छात्रों के इस अनूठे प्रदर्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

📌 विंध्य से जंतर-मंतर मार्च: मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • 🚆 ट्रेन बना प्रदर्शन स्थल: रीवा से दिल्ली जा रही ट्रेन के कई कोचों में छात्रों ने की उग्र नारेबाजी।
  • 📹 वीडियो वायरल: हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर नारे लगाते छात्रों के वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग में आए।
  • 😡 लाठीचार्ज से आक्रोश: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस एक्शन और लाठीचार्ज के विरोध में पहुंचे रहे छात्र।
  • विंध्य की हुंकार: रीवा, सतना और विंध्य क्षेत्र के अन्य जिलों से युवाओं की टोली जंतर-मंतर आंदोलन में होगी शामिल।

🗣️ ‘हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती’: रीवा के युवाओं ने बुलंद की आवाज

ट्रेन में सवार युवाओं ने मीडिया से बात करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की:

“हम दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहे हैं। छात्रों पर लाठीचार्ज करके उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है। शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए और सरकार को हमारी मांगों पर गंभीर फैसला लेना होगा।”

— रीवा से दिल्ली जा रहे आंदोलनकारी छात्र

🚆 अन्य यात्रियों का भी खींचा ध्यान; शांतिपूर्ण प्रदर्शन का संकल्प

  • कोच में बना विरोध का माहौल: ट्रेन के भीतर अचानक शुरू हुई नारेबाजी और पोस्टरों के प्रदर्शन से साथी यात्रियों का ध्यान भी छात्रों के मुद्दों की ओर गया। कई यात्रियों ने छात्रों की मांगों का समर्थन भी किया।
  • अनुशासित और शांतिपूर्ण आंदोलन: छात्रों ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पहुंचकर वे पूरी तरह से अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखेंगे और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता और परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं किया जाता, तब तक वे आंदोलन में डटे रहेंगे।

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