सीहोर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 11 से 13 जुलाई तक आयोजित तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं शीघ्र निराकरण हेतु सामुदायिक मध्यस्थों को आवश्यक ज्ञान, व्यवहारिक कौशल एवं मध्यस्थता की तकनीकों से प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों से चयनित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री संजीव कुमार अग्रवाल ने कहा कि, विवादों का पुलिस थानों एवं न्यायालयों में आने से पूर्व ही समाज में समझौते के माध्यम से निपटारा करने के उद्देश्य से समाज के प्रबुद्धजन को मीडिएशन प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि मीडिएशन की तकनीक को समझ कर बेहतर परिणाम दिला सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने भी समाज के विकास में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ विभिन्न क्षेत्रों में मीडिएशन सेंटर स्थापित कर समाज के विवादों का प्रारंभिक स्तर पर निराकरण कर सकेंगे।

प्रशिक्षण में सीनियर ट्रेनर एम.सी.पी.सी. श्री शाहिद मोहम्मद एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश एवं मध्यस्थ कु. भावना साधो द्वारा प्रतिभागियों को मध्यस्थता के सिद्धांतों. संवाद कौशल, विवाद समाधान की प्रभावी तकनीकों एवं सामुदायिक स्तर पर शांति एवं सौहार्द स्थापित करने में मध्यस्थों की भूमिका से अवगत कराया गया। समापन अवसर पर बेथेल फॉर रिफ्यूज वेलफेयर सोसायटी श्रीमती बॉशी राबी वर्गीज एवं रॉबी वर्गीज के सहयोग से दिव्यांगजन बालक को एक व्हीलचेयर प्रदान की गई।




