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फसल खराब होने पर जल्द सर्वे, मुआवजा और बीमा राशि की मांग; सैटेलाइट सीमांकन, स्मार्ट मीटर और बिजली बिल को लेकर भी उठाए सवाल
सीहोर। अत्यधिक बारिश से खेतों में खराब हुई सोयाबीन की फसल के पौधे लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया और नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। सेमरादांगी के किसान नेता बने सिंह दांगी के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार अमित सिंह को ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने कहा कि पिछले साल की फसल का मुआवजा अब तक नहीं मिला है। इस बार अत्यधिक बारिश से सोयाबीन की फसल खराब हुई है। किसानों ने मांग की कि खराब फसलों का जल्द सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को मुआवजा तथा फसल बीमा की राशि दिलाई जाए।
सैटेलाइट सीमांकन से विवाद की स्थिति
किसानों ने राजस्व विभाग द्वारा सैटेलाइट के जरिए कराए जा रहे भूमि सीमांकन पर भी आपत्ति जताई। किसान नेता बने सिंह दांगी ने आरोप लगाया कि सैटेलाइट सीमांकन के कारण भूमि के नक्शों में बदलाव हो रहा है, जिससे किसानों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। किसानों ने मामले की जांच कराकर वास्तविक स्थिति के आधार पर सीमांकन कराने की मांग की।
स्मार्ट मीटर के बाद भी अधिक बिजली बिल का आरोप
जनसुनवाई में किसानों ने बिजली से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। किसानों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद भी बिजली के अधिक बिल आ रहे हैं। इसके साथ ही विद्युत वितरण कंपनी पर किसानों के खिलाफ झूठे बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज करने के आरोप भी लगाए गए।
दूध के खरीदी भाव बढ़ाने की मांग
पशुपालक किसानों ने दूध की कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि दूध कंपनियां किसानों से कम कीमत पर दूध खरीद रही हैं, जबकि उपभोक्ताओं को अधिक कीमत पर बेच रही हैं। किसानों ने दूध का खरीदी भाव बढ़ाने की मांग की।
इसके अलावा किसानों ने पटवारियों के कथित दुर्व्यवहार की शिकायत भी अधिकारियों से की। किसानों ने कहा कि फसल नुकसान, राजस्व और बिजली से जुड़ी समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।




