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बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के साथ एक दौर का अंत हो गया। इस मौके पर 2005 की वह दिलचस्प घटना फिर चर्चा में आ गई, जब नीतीश पहली बार सत्ता संभालने पटना पहुंचे थे।
अक्टूबर 2005 विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद नीतीश कुमार दिल्ली से पटना लौट रहे थे। संयोग से जिस विमान से वे पटना आए, उसी से लालू प्रसाद यादव दिल्ली के लिए रवाना हो रहे थे। उस समय लालू केंद्र में रेल मंत्री थे।
पटना एयरपोर्ट पर उस दिन बिल्कुल अलग माहौल देखने को मिला। एक तरफ नीतीश कुमार के स्वागत के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी, जो फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका इंतजार कर रही थी। वहीं दूसरी ओर लालू यादव चुपचाप डिपार्चर एरिया की ओर बढ़ते नजर आए। यह दृश्य सत्ता परिवर्तन का प्रतीक बन गया।
उसी दौरान चुनाव आयोग के अधिकारी के.जे. राव भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे। निष्पक्ष चुनाव कराने के कारण वे भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो चुके थे और समर्थकों ने उनके समर्थन में भी नारे लगाए।
एयरपोर्ट से निकलते ही नीतीश कुमार का जोरदार स्वागत हुआ। समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया। इसके बाद वे सीधे राजभवन पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
24 नवंबर 2005 को गांधी मैदान में हुए भव्य समारोह में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हुई।




