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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक के बाद राज्य में ‘आयुष्मान भारत’ योजना लागू करने का ऐलान किया है। इस वर्ष जुलाई से राज्य के नागरिक इस केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकेंगे।
‘स्वास्थ्य साथी’ के लाभार्थियों को मिलेगा दोहरा लाभ
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल की अपनी स्वास्थ्य योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ के अंतर्गत पंजीकृत सभी मौजूदा लाभार्थियों को अब आयुष्मान भारत योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा। इससे राज्य के लाखों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच प्राप्त होगी।

आरोग्य मंदिर और जन औषधि केंद्रों का विस्तार
स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष कई प्रस्ताव रखे हैं:
- आयुष्मान भारत आरोग्य मंदिर: इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए अगले महीने नई दिल्ली में केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक ‘सहमति पत्र’ (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
- जन औषधि केंद्र: राज्य में सस्ती दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की संख्या मौजूदा 117 से बढ़ाकर 469 करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है।
मेडिकल कॉलेजों और AIIMS का तोहफा
राज्य में चिकित्सा शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र से बड़े सहयोग की उम्मीद जताई है:
- नए मेडिकल कॉलेज: राज्य के अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
- नया AIIMS: उत्तर बंगाल (North Bengal) के निवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक नए एम्स (AIIMS) के निर्माण का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को सौंपा गया है।




