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नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच सैन्य-तकनीकी सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से, ‘भारत-रूस सैन्य तकनीकी सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग’ के अंतर्गत ‘भूमि मामलों’ से जुड़े 5वें उप-कार्य समूह की बैठक कल नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
बैठक के मुख्य आकर्षण:
रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस बैठक को दोनों देशों के रक्षा संबंधों के लिए एक “महत्वपूर्ण मील का पत्थर” करार दिया है।
- ऑपरेशनल तालमेल: दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने आपसी सैन्य अनुभव साझा करने और भविष्य में बेहतर ऑपरेशनल तालमेल बैठाने पर गहन विचार-विमर्श किया।
- द्विपक्षीय क्षमताएं: इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की थल सेनाओं की सैन्य क्षमताओं को संयुक्त रूप से और अधिक प्रभावी बनाना है।
- रणनीतिक साझेदारी: दशकों पुरानी भारत-रूस रक्षा साझेदारी को समकालीन जरूरतों के अनुरूप और अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया।

‘शत्रुजीत ब्रिगेड’ का दौरा
बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों और आधुनिक युद्ध कौशल को समझने के लिए भारतीय सेना की विशिष्ट ‘शत्रुजीत ब्रिगेड’ का दौरा भी किया। इस दौरे का उद्देश्य जमीनी स्तर पर रक्षा सहयोग की संभावनाओं और नए तरीकों की तलाश करना था।
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