drnewsindia.com नई दिल्ली नई दिल्ली | NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में 20 जून से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। इस बीच देश के कई राज्यों में छात्रों और विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किए, जबकि केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों को बातचीत का प्रस्ताव दिया है।
जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी, देशभर से मिल रहा समर्थन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र लगातार धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उन्हें देशभर से लोगों का समर्थन मिल रहा है। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री भेजी जा रही है। आंदोलन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
बिहार में लाठीचार्ज, कई जगह पुलिस से झड़प
गुरुवार को बिहार, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए।
बिहार
- कटिहार में डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर ईंट-पत्थरबाजी भी हुई।
- पटना के अशोक राजपथ पर छात्रों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
- बेगूसराय में छात्रों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और मुख्य गेट पर चढ़ गए।
राजस्थान
- बांसवाड़ा में कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
- परिसर में प्रवेश को लेकर विवाद बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
हरियाणा
- गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई।
सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया
केंद्र सरकार ने कहा है कि वह आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 24 घंटे में CJP को भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के लिए चार बार आमंत्रित किया गया है।
हालांकि, CJP ने प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो जंतर-मंतर आए या किसी तटस्थ स्थान पर चर्चा करे। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक नेता के घर या कार्यालय में बातचीत नहीं करेगा।
24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
CJP ने घोषणा की है कि 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जाएंगे। संगठन का कहना है कि जब तक पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय नहीं होती और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा।
संसद मार्च के बाद बदला सरकार का रुख
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद सरकार ने पहली बार औपचारिक बातचीत की पहल की।
आंदोलन क्यों बना राष्ट्रीय मुद्दा?
बीते एक महीने में यह आंदोलन देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। इसके प्रमुख कारण—
- विभिन्न राज्यों में छात्रों का लगातार प्रदर्शन।
- विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का खुला समर्थन।
- सोशल मीडिया पर आंदोलन से जुड़े वीडियो और अभियान।
- संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता।
- पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर देशव्यापी बहस।
अब तक के प्रमुख अपडेट
- जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना चौथे दिन भी जारी।
- बिहार, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन।
- कटिहार और बांसवाड़ा में पुलिस लाठीचार्ज की घटनाएं।
- केंद्र सरकार ने CJP को बातचीत के लिए चार बार प्रस्ताव भेजा।
- CJP ने सरकार से जंतर-मंतर या न्यूट्रल स्थान पर बातचीत की मांग की।
- 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान।
- आंदोलन का मुख्य मुद्दा NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
नोट: यह खबर अब तक सामने आई सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आंदोलन और सरकार की ओर से आने वाले नए घटनाक्रम के अनुसार इसे लगातार अपडेट किया जाएगा।




