drnewsindia.com / खेल समाचार | भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI)
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन के बाद BCCI ने खिलाड़ियों के लिए फिटनेस मानकों को पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब भारतीय खिलाड़ियों को टीम में जगह बनाने और अपनी फिटनेस साबित करने के लिए ‘बैक-टू-बैक’ दो कड़े टेस्ट पास करने होंगे।

🏃♂️ क्या हैं नए फिटनेस पैरामीटर्स?
अब खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट और 2 किलोमीटर रनिंग दोनों एक साथ (बैक-टू-बैक) पूरी करनी होगी:
| टेस्ट का प्रकार | पहले का नियम / समय | नया नियम / नया समय |
| 1. ब्रोंको टेस्ट | 6 मिनट का समय | 5 मिनट 15 सेकेंड से 5 मिनट 20 सेकेंड (40 सेकेंड की कटौती) |
| 2. 2 किलोमीटर रनिंग | स्टैंड-अलोन (अलग से) • फास्ट बॉलर्स: 8 मिनट 15 सेकेंड • अन्य: 8 मिनट 30 सेकेंड | ब्रोंको टेस्ट के ठीक बाद • समय: 9 से 10 मिनट |
❓ जानिए क्या है ‘ब्रोंको टेस्ट’?
ब्रोंको टेस्ट में खिलाड़ियों को बिना किसी ब्रेक के लगातार 5 सेट दौड़ना होता है:
- एक सेट में: 20 मीटर अप-डाउन + 40 मीटर अप-डाउन + 60 मीटर अप-डाउन (कुल 240 मीटर)।
- कुल दूरी: 5 सेट = 1,200 मीटर।
- चैलेंज: सेट के बीच कोई रेस्ट/ब्रेक नहीं मिलता और इसे अब 5 मिनट 20 सेकेंड के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।

⚠️ विवाद और BCCI की सख्ती
1. अनफिट खिलाड़ियों को क्लियरेंस देने पर उठे सवाल
BCCI सूत्रों के अनुसार, पिछले एक साल में नियमों में ढील दी गई थी। टीम मैनेजमेंट की मांग पर Center of Excellence (CoE) ने हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी को पूरी तरह फिट न होने के बावजूद क्लियरेंस दी थी।
- ओवरवेट होने के कारण हर्षित राणा को इंग्लैंड दौरे से वापस भेजा गया था (तब वजन 97 किलो था)।
- अब उनका वजन 94 किलो है और नया टारगेट 96 किलो से कम रखने का है।
2. फिजियो कमलेश जैन से जवाब-तलब
खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने और मांसपेशियों में खिंचाव (क्रैम्प्स) की शिकायतों पर BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया और टीम मैनेजमेंट ने फिजियो कमलेश जैन से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि किसी भी खिलाड़ी के ‘स्टार स्टेटस’ की परवाह किए बिना अनफिट खिलाड़ियों की रिपोर्ट तुरंत दें।

🚨 श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बुमराह बाहर, तालमेल की कमी उजागर
- जसप्रीत बुमराह बाहर: CoE बुमराह को 15 अगस्त से शुरू होने वाली श्रीलंका टेस्ट सीरीज तक फिट करने का आश्वासन पूरा नहीं कर सका।
- खिलाड़ियों में हैरानी: सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को नए नियमों की जानकारी देर से मिली। श्रीलंका दौरे से पहले CoE पहुंचे मोहम्मद सिराज अचानक ब्रोंको और 2K टेस्ट से हैरान रह गए।
⚡ ओवर-ट्रेनिंग से बर्नआउट और इंजरी का खतरा?
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप और 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत का इंजरी मैनेजमेंट शानदार था, जहां यो-यो टेस्ट 6 महीने में केवल एक बार कराया जाता था। अब CoE में बार-बार यो-यो, ब्रोंको और 2K टेस्ट कराने से खिलाड़ियों पर मानसिक और शारीरिक थकान (बर्नआउट) बढ़ सकती है, जिससे इंजरी का जोखिम घटने के बजाय बढ़ सकता है।




