drnewsindia.com / कुबेरेश्वरधाम (सीहोर) | भक्ति एवं आध्यात्मिक समाचार
प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम में जारी पांच दिवसीय ऑनलाइन शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की भक्ति और श्रद्धा के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि भक्त के भाव शुद्ध होंगे, तो भगवान भोलेनाथ उसके समक्ष अवश्य उपस्थित होंगे। भक्ति केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सच्चे और भावपूर्ण मन से की जानी चाहिए।
🛕 कथा के प्रमुख आकर्षण एवं विचार
“भगवान शिव की भक्ति करने वाले भक्त के मुख का दर्शन मात्र हो जाने से भी मनुष्य का कल्याण हो जाता है।”
— पंडित प्रदीप मिश्रा
- शिव निंदा का परिणाम: पंडित मिश्रा ने कहा कि जो व्यक्ति भगवान शिव की निंदा करता है, उसका पतन होना तय है। शिव भक्ति में भाव, प्रेम, विश्वास और समर्पण ही मुख्य आधार हैं।
- दुर्योधन और अर्जुन का प्रसंग: एक ही गुरु के शिष्य होने के बावजूद दुर्योधन और अर्जुन के विचार और दृष्टि अलग-अलग थे। मनुष्य एक जैसी शिक्षा प्राप्त करके भी अपने संस्कारों और विचारों के अनुसार ही अपने जीवन की दिशा तय करता है। इसलिए विचारों को सदैव सकारात्मक रखें।
- गणेश विवाह की मनोहारी झांकी: कथा के चौथे दिन भगवान श्री गणेश जी के विवाह प्रसंग का सुंदर वर्णन किया गया। इस अवसर पर कथा स्थल पर भगवान गणेश के विवाह की मनोहारी झांकी भी सजाई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
🌊 सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक बना ‘तीर्थ पथ’
गुरुवार को शहर के सीवन नदी तट से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री पवित्र जल लेकर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ कुबेरेश्वरधाम रवाना हुए।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि कांवड़ यात्रियों के उत्साह और भक्ति के कारण सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग तीर्थ पथ में बदल गया है। मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों द्वारा सेवा स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत और सेवा-सत्कार किया जा रहा है।

📅 आगामी कार्यक्रम: 25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने आगामी भव्य आयोजन की जानकारी दी:
- तिथि व समय: 25 अगस्त, सुबह 09:00 बजे
- प्रस्थान स्थल: सीवन नदी तट (सीहोर)
- गंतव्य: कुबेरेश्वरधाम (लगभग 11 किलोमीटर की यात्रा)
- विशेष आयोजन: कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर पवित्र जल से भगवान शिव का विशेष अभिषेक किया जाएगा।
सावन महोत्सव और कांवड़ यात्रा को लेकर देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।




