drnewsindia.com
ठाणे/भिवंडी। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर परीक्षा से ठीक 24 घंटे पहले लीक होने के मामले में भिवंडी पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज और बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जाल बिछाकर इस अंतर-राज्यीय (Inter-State) पेपर लीक रैकेट के तीन मुख्य सदस्यों को सौदा होने से ऐन पहले रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी इस प्रश्नपत्र को देश की राजधानी दिल्ली से लेकर आए थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपए (₹1.5 Crore) में बेचने की पूरी तैयारी कर चुके थे।
🚨 पुलिस का जाल: बिहार और हरियाणा के आरोपी गिरफ्तार
भिवंडी पुलिस को परीक्षा से एक दिन पहले ही इस साजिश की गुप्त और सटीक सूचना मिल गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- राजीव साव (निवासी: बिहार)
- आकाश कुमार (निवासी: बिहार)
- धीरज सिंह (निवासी: हरियाणा)
🗄️ बरामदगी का विवरण: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकदी (Cash), कई मोबाइल फोन और अगले दिन (रविवार) होने वाली परीक्षा के टीईटी प्रश्नपत्रों के 4 पूरे सेट बरामद किए हैं।

📄 परीक्षा परिषद ने की ‘ओरिजिनल पेपर’ होने की पुष्टि
बरामदगी के तुरंत बाद भिवंडी पुलिस ने ‘महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद’ (MSEC) के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने जब जब्त किए गए चारों सेट्स की बारकी से जांच और सत्यापन (Verification) किया, तो यह पुष्टि हुई कि वे सभी प्रश्नपत्र मूल (ओरिजिनल) प्रश्नपत्रों से 100% मेल खाते हैं।
पेपर मैच होने की आधिकारिक पुष्टि के बाद भिवंडी पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस पुख्ता सबूत के आधार पर ही परीक्षा परिषद ने रविवार को होने वाली परीक्षा को तुरंत स्थगित करने का बड़ा फैसला लिया।

🔍 इन 4 मुख्य बिंदुओं पर टिकी है पुलिस की जांच
भिवंडी पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए निम्नलिखित पहलुओं की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं:
- लोकल कनेक्शन: भिवंडी और ठाणे इलाके में इन बाहरी आरोपियों के स्थानीय संपर्क (Local Contacts) कौन थे, जो परीक्षार्थियों से सेटिंग करा रहे थे?
- शिक्षा माफियाओं का नेटवर्क: क्या इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा कोचिंग संस्थान, शिक्षण संस्थान या रसूखदार बिचौलिए शामिल हैं?
- मुख्य मास्टरमाइंड: दिल्ली में वह मुख्य षड़यंत्रकारी (Mastermind) कौन है, जिसकी पहुंच सीधे प्रिंटिंग प्रेस या परीक्षा के गोपनीय विभाग तक थी?
- ₹1.5 करोड़ का वित्तीय लेन-देन: डेढ़ करोड़ रुपए के इस भारी-भरकम सौदे के लिए किन बैंक खातों या हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था?
📉 लाखों अभ्यर्थियों में मायूसी: परीक्षा रद्द होने और इस बड़े खुलासे के बाद महाराष्ट्र के करीब 4.28 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य और मेहनत दांव पर लग गई है। परीक्षा परिषद का कहना है कि वे सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर रहे हैं और परीक्षा की नई तारीखों का एलान जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा।





