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सीहोर/रेहटी। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सलकनपुर देवीधाम में एक बार फिर तेंदुए की सक्रियता से हड़कंप मच गया है। शुक्रवार सुबह मंदिर की मुख्य सीढ़ियों पर एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ घूमती हुई सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हुई है। इस घटना का वीडियो रविवार को सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बेहद बढ़ गई हैं।
हैरानी की बात यह है कि पिछले डेढ़ महीने के भीतर मंदिर परिसर और उसके आसपास तेंदुए की मौजूदगी का यह तीसरा मामला है, जिससे वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
📹 डेढ़ महीने में 3 बार दिखा तेंदुआ, सीसीटीवी में कैद हुआ परिवार
सलकनपुर टेकरी और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से तेंदुए की आवाजाही की पूरी टाइमलाइन सामने आई है:
- ताजा घटना (शुक्रवार सुबह): सीसीटीवी फुटेज में एक वयस्क मादा तेंदुआ अपने दो छोटे शावकों के साथ मंदिर की मुख्य सीढ़ियों पर बेहद आराम से घूमती नजर आ रही है।
- 14 जून का फुटेज: इससे पहले 14 जून के एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में भी एक तेंदुआ मंदिर की सीढ़ियों की तरफ तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दिया था।
- श्रद्धालुओं पर खतरा: सलकनपुर धाम में रोजाना हजारों की संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग तड़के सुबह (सुबह 4 बजे से) या देर रात इन सीढ़ियों का उपयोग करते हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का डर बना हुआ है।

📿 14 मई को साधु की मौत से जुड़ा है कनेक्शन
इस क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी इसलिए भी सबसे ज्यादा डरावनी है क्योंकि 14 मई को सलकनपुर टेकरी के पास सड़क मार्ग स्थित ‘नागिन जोड़’ पर एक साधु का क्षत-विक्षत शव मिला था।
- ट्रैप कैमरे में हुआ था खुलासा: साधु की रहस्यमयी मौत के बाद वन विभाग ने जब मौके पर विशेष ट्रैप कैमरे लगाए, तो अगले ही दिन रात करीब 12:30 बजे एक भारी-भरकम तेंदुआ उसमें कैद हुआ। इसके बाद वन्यजीव विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि साधु पर तेंदुए ने ही हमला किया था।
- हमले की वजह: विशेषज्ञों के मुताबिक, साधु लाल कपड़े पहनकर सुबह 4 से 5 बजे के बीच अंधेरे में सड़क पर दंडवत यात्रा करते हुए मंदिर की ओर जा रहे थे। मुमकिन है कि तेंदुए ने अंधेरे में उन्हें कोई वन्यजीव समझकर उन पर हमला कर दिया हो।

😡 “पिंजरा लगाने का वादा सिर्फ दावों में सिमटा” – स्थानीय लोगों का आक्रोश
साधु की दर्दनाक मौत के बाद रेहटी वन विभाग और सलकनपुर के वनपाल हरीश महेश्वरी ने प्रभावित क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द पिंजरा लगाने की बात कही थी। इसके लिए जिला मुख्यालय से बकायदा अनुमति भी मांगी गई थी।
⚠️ जनता के तीखे सवाल: अब मंदिर की मुख्य सीढ़ियों तक तेंदुए के परिवार के पहुंचने के बाद स्थानीय दुकानदारों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि साधु की जान जाने के डेढ़ महीने बाद भी वन विभाग ने क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही अब तक वहां पिंजरा लगाया गया।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर घने जंगल में छोड़ा जाए और मंदिर मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि माता के धाम आने वाले श्रद्धालु बिना किसी खौफ के दर्शन कर सकें।




