drnewsindia.com
भोपाल। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कुल 183 शिकायतें पहुंचीं। किसी ने एम्स भोपाल पर गलत इलाज कर आंख निकालने का आरोप लगाया, तो किसी ने दहेज प्रताड़ना, लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि नहीं मिलने और बिजली कंपनी के कर्मचारियों पर झूठा पंचनामा बनाकर परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई।
एम्स पर गलत इलाज का आरोप, पीड़ित बोला- आंख निकालने के बाद इलाज से किया इनकार
रविदासपुरा निवासी राजकुमार ने एम्स भोपाल के खिलाफ शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि आंख में संक्रमण होने पर 6 जनवरी को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनका दावा है कि इलाज के दौरान पांच ऑपरेशन किए गए और बाद में उनकी आंख निकाल दी गई। उनका आरोप है कि एक आंख पर सिर और पैर की खाल लगाकर उपचार किया गया, जो सफल नहीं हुआ, जबकि दूसरी आंख की स्थिति भी गंभीर बनी रही। पीड़ित का कहना है कि इसके बाद डॉक्टर ने आगे इलाज करने से इनकार कर दिया। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और बेहतर इलाज की मांग की है।
हालांकि, एम्स प्रबंधन ने इस तरह की किसी शिकायत की जानकारी होने से इनकार किया है।
दो साल से नहीं मिली लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि
नेहरू नगर निवासी दीपक बाथम ने शिकायत में बताया कि उनकी बेटी के छठी कक्षा में प्रवेश के बाद लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलने वाली 2 हजार रुपये की राशि अब तक उनके खाते में नहीं पहुंची। उनका कहना है कि अधिकारी राशि भेजे जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिला।
दहेज के लिए प्रताड़ना, 2 महीने का बच्चा भी छीनने का आरोप
इतवारा रोड निवासी पिंकी शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया कि फरवरी 2025 में विवाह के बाद से ससुराल पक्ष एक लाख रुपये की मांग को लेकर उन्हें प्रताड़ित करता रहा। उनका कहना है कि 5 जुलाई को मारपीट कर रात तीन बजे घर से निकाल दिया गया और उनके दो महीने के मासूम बच्चे को भी अपने पास रख लिया गया। पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
बिजली कंपनी पर झूठा पंचनामा और रिश्वत मांगने का आरोप
जहांगीराबाद निवासी साजिद खान ने शिकायत में आरोप लगाया कि मीटर की लैब जांच रिपोर्ट सही आने के बावजूद बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने झूठा पंचनामा बनाकर बिल थमा दिया। उनका कहना है कि रिश्वत नहीं देने पर उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों का भी बिना जांच के निराकरण कर दिया जाता है।
प्रशासन ने सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है।





