drnewsindia.com / अशोकनगर। चंदेरी क्षेत्र के महोली गांव में रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा को लेकर चल रहा तीन दिन का आंदोलन शुक्रवार को खत्म हो गया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांग मानते हुए महोली तिराहे पर उसी स्थान पर प्रतिमा दोबारा स्थापित कर दी। प्रतिमा हटाए जाने के बाद से ग्रामीण और समाज के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग महोली चौराहे पर जुटे। प्रदर्शन के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था।

10 अगस्त की रात लगाई गई थी प्रतिमा
मामले की शुरुआत 10 अगस्त की रात हुई थी। कुछ लोगों ने महोली तिराहे पर रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापित कर दी थी। प्रशासन को इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रतिमा को वहां से हटाकर जब्त कर लिया गया।
प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसके विरोध में 12 अगस्त से आंदोलन शुरू हुआ, जो तीन दिन तक चला।

मोबाइल टावर पर भी चढ़े प्रदर्शनकारी
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर प्रदर्शन और नारेबाजी की। कुछ लोग विरोध जताने के लिए मोबाइल टावर पर भी चढ़ गए थे। इससे प्रशासन और पुलिस के सामने प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति सामान्य करने की चुनौती बढ़ गई थी।
तीन दिन तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और प्रतिमा को दोबारा उसी स्थान पर स्थापित करने पर सहमति बनी।

कई जनप्रतिनिधि प्रदर्शन में पहुंचे
शुक्रवार सुबह महोली चौराहे पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रदर्शनकारी जमा हुए। प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद गंगाचरण सिंह राजपूत, पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी, चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने प्रतिमा हटाए जाने का विरोध करते हुए इसे वापस उसी स्थान पर स्थापित करने की मांग रखी।

पिछोर विधायक ने कहा था- इसी जगह लगेगी प्रतिमा
पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने आंदोलन के दौरान कहा था कि रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा इसी स्थान पर स्थापित की जाएगी और प्रशासन को इसे जल्द वापस लाना चाहिए।
आंदोलन बढ़ने के बाद प्रशासन ने प्रतिमा को उसी स्थान पर स्थापित करने की मांग मान ली। इसके साथ ही प्रतिमा हटाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।

तीन दिन बाद खत्म हुआ विवाद
प्रतिमा दोबारा स्थापित होने के बाद महोली में चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की थी। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है।

महोली में प्रतिमा विवाद: 10 अगस्त की रात प्रतिमा स्थापित होने से शुरू हुआ विवाद 12 अगस्त से आंदोलन में बदल गया था। तीन दिन के प्रदर्शन, सड़क जाम और मोबाइल टावर पर चढ़ने की घटनाओं के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने प्रतिमा उसी स्थान पर स्थापित कर दी।




