रतलाम कलेक्ट्रेट में युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, 6 साल से जमीन विवाद में सुनवाई न होने का आरोप

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जमीन विवाद से परेशान युवक का कलेक्ट्रेट में हंगामा

drnewsindia.comरतलाम/मध्यप्रदेश के रतलाम कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। युवक जमीन विवाद के मामले में लंबे समय से सुनवाई नहीं होने से नाराज था। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर मिशा सिंह मौके पर पहुंचीं और युवक से उसकी समस्या पूछी। बाद में पुलिस को बुलाकर युवक को उनके सुपुर्द कर दिया गया।

6 साल से लगा रहा अधिकारियों के चक्कर

जानकारी के अनुसार युवक रमेश कुमावत अपने साथ शिकायतों से भरा एक थैला लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा था। उसका आरोप है कि वह पिछले 6 वर्षों से जमीन विवाद के मामले में एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।

रमेश ने बताया कि 10 बीघा जमीन उसके दादाजी के नाम थी। उसका आरोप है कि वर्ष 1978 में रिश्वत नहीं देने पर जमीन को सरकारी घोषित कर दिया गया। बाद में करीब ढाई बीघा जमीन बिजली कंपनी के लिए अधिग्रहित कर ली गई। अब वह विवादित जमीन अपने नाम दर्ज कराने की मांग कर रहा है।

पुलिस ने दर्ज किए बयान

घटना के बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सब इंस्पेक्टर मुकेश सस्तिया युवक को रतलाम ग्रामीण एसडीएम कार्यालय ले गए, जहां उसके बयान दर्ज किए गए।

इसके बाद कलेक्टर ने रतलाम ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर और तहसीलदार आशीष उपाध्याय को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली।

अधिकारियों का दावा- युवक पहले बेच चुका है जमीन

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक रमेश अपनी पूरी जमीन पहले ही बेच चुका है। अब वह अतिरिक्त भूमि अपने नाम दर्ज कराने की मांग कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामला रतलाम ग्रामीण एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है और शुक्रवार दोपहर 3 बजे इसकी सुनवाई तय थी।

एसडीएम विवेक सोनकर ने कहा कि मामला सिविल प्रकृति का है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सुनवाई से पहले युवक कलेक्ट्रेट पहुंच गया और उसने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया, लेकिन समय रहते उसे रोक लिया गया।

चार दिन में दूसरी घटना से प्रशासन अलर्ट

रतलाम कलेक्ट्रेट में चार दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है। इससे पहले मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान नगरा निवासी 65 वर्षीय किसान प्यार सिंह ने भी अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया था। किसान का आरोप था कि रासायनिक दवा से फसल खराब होने के बावजूद उसे तीन साल से मुआवजा नहीं मिला।

लगातार दूसरी घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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