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राजगढ़ (खिलचीपुर)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां थाने और एसडीओपी कार्यालय के ठीक सामने गायत्री मंदिर परिसर में घंटों तक ‘झगड़ा पंचायत’ चलती रही। इस पंचायत में एक नाबालिग लड़की को जबरन ससुराल भेजने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर 20 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि ‘झगड़े’ के रूप में मांगी गई।
मामले का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और लड़के पक्ष पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही बचपन में ही शादी कराने को लेकर दोनों पक्षों पर बाल विवाह का केस दर्ज करने की तैयारी भी की जा रही है।
🔴 मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- विवाद की वजह: रघुनाथपुरा की रहने वाली एक नाबालिग लड़की की शादी 7-8 साल पहले छीपीपुरा में कर दी गई थी। अब उसे जबरन ससुराल भेजने को लेकर विवाद था।
- 20 लाख की मांग: लड़की पक्ष द्वारा विरोध करने पर पंचायत में कथित तौर पर 20 लाख रुपए ‘झगड़ा राशि’ के रूप में मांगे गए।
- थाने के सामने हंगामा: शुक्रवार को खिलचीपुर थाने के सामने स्थित गायत्री मंदिर परिसर में घंटों पंचायत चली, जहां दोनों पक्षों में तीखी बहस और गाली-गलौज हुई।
⚖️ पुलिस की कार्रवाई: बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
खिलचीपुर थाना प्रभारी (टीआई) कमल सिंह गहलोत ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पीड़ित पक्ष को थाने बुलाकर बयान दर्ज किए गए। जांच के बाद पुलिस ने लड़के पक्ष के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं:
- पैसों के लिए दबाव बनाने पर मामला दर्ज: लड़के पक्ष द्वारा पैसों की मांग कर दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4) और 296 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- बाल विवाह अधिनियम के तहत एक्शन: जांच में पता चला कि जब दोनों की शादी हुई थी, तब दोनों नाबालिग थे और लड़की अभी भी 18 साल से कम उम्र की है। इसलिए दोनों परिवारों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है।
- पंचों पर गिरेगी गाज: पुलिस इस अवैध पंचायत में शामिल पंचों और दबाव बनाने वाले मुख्य किरदारों की पहचान कर रही है। वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

🌐 सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जागी पुलिस
बताया जा रहा है कि थाने के इतने नजदीक घंटों तक पंचायत चलती रही और दोनों पक्षों में हंगामा होता रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो जब सोशल मीडिया पर सामने आया, तब जाकर प्रशासनिक और पुलिस महकमा रेस हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की बारीकी से विवेचना कर रही है और टीआई का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
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