drnewsindia.com / राजगढ़ | डिजिटल डेस्क: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर मंडी में करेंसी (करेंसी नोट) बदलने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पचोर थाना पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली और बिहार के रहने वाले एक महिला सहित तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से ₹2 लाख 40 हजार नकद बरामद कर लिए हैं।
💸 क्या है पूरा मामला? (25 अगस्त की घटना)
सारंगपुर एसडीओपी अरविंद सिंह ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया:
- 25 अगस्त 2026 को सारंगपुर निवासी अली असगर सैफी पचोर मंडी में थे।
- इसी दौरान ठग गिरोह की एक महिला और दो पुरुषों ने उनसे संपर्क साधा और नोट (करेंसी) बदलने का लालच दिया।
- आरोपियों ने झांसे में लेकर पीड़ित अली असगर सैफी से ₹5 लाख ठग लिए और फरार हो गए।

📹 CCTV फुटेज और मुखबिर से खुली पोल
पीड़ित की शिकायत पर पचोर पुलिस ने अपराध क्रमांक 405/26, धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जांच शुरू की:
- कैमरों की पड़ताल: पुलिस टीम ने पचोर मंडी और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV फुटेज खंगाले।
- संदिग्धों की पहचान: CCTV से मिले अहम सुरागों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 3 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने ठगी की बात कबूल कर ली।
🚓 गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बाहरी राज्यों से संबंध रखते हैं:
| क्र. | आरोपी का नाम | उम्र | निवासी / पता |
| 1 | दुखवा रविदास (पिता- बदुवा रविदास) | 30 वर्ष | ग्राम सरेंडा फुलवारी, जिला- कटिहार (बिहार) |
| 2 | रोबिन अब्दुल (पिता- अब्दुल रफ) | 36 वर्ष | कबीरबस्ती, मलकागंज (दिल्ली) |
| 3 | फहिमा (पति- मिराज शेख) | 34 वर्ष | अली गांव, बदरपुर (दिल्ली) |

🔍 ₹2.40 लाख बरामद, बाकी रकम व अन्य वारदातों की जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹2,40,000 नकद बरामद कर लिए हैं। पुलिस अब बाकी बचे ₹2.60 लाख की रिकवरी के लिए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गैंग ने प्रदेश या देश के अन्य हिस्सों में इस तरह की कितनी ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।
सराहनीय भूमिका: इस सफल कार्रवाई में पचोर थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया, उप निरीक्षक जगदीश गोयल, अशोक कुमार भगत, प्रधान आरक्षक लकी घोषी, आरक्षक चेतन दुबे, मनीष, माया राजपूत, अतुल मौर्य और अर्जुन सिंह की अहम भूमिका रही।




