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रायसेन/देहगांव: रायसेन जिले के सांचेत गांव में काल भैरव धाम के पीठाधीश्वर सुनील सराठे और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद अब बेहद गरमा गया है। गुरुवार देर शाम इस विवाद ने उस समय उग्र रूप ले लिया, जब घायल पक्ष के परिजनों ने विश्वकर्मा समाज के सैकड़ों लोगों के साथ मिलकर जिला अस्पताल के सामने सड़क पर उतरकर भारी हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोपी बाबा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन से तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
🚨 मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, जैसे-तैसे शांत कराया चक्काजाम
अस्पताल के सामने हंगामे और सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे:
- ये अधिकारी रहे मौजूद: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) कमलेश कुमार खरपुसे, एसडीओपी (SDOP) प्रतिभा शर्मा और देहगांव थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल तुरंत स्पॉट पर पहुंचे।
- समझाइश के बाद खुला रास्ता: अधिकारियों ने आक्रोशित प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई का ठोस भरोसा दिया, जिसके बाद उन्हें समझा-बुझाकर सड़क से हटाया गया और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।

विवाद की इनसाइड स्टोरी: रिश्तेदार के आने पर शुरू हुआ पूरा फसाद
पुलिस को दिए शिकायती आवेदन में सांचेत निवासी दुर्जन सिंह विश्वकर्मा ने घटना की सिलसिलेवार इनसाइड स्टोरी बताई है:
- विवाद की वजह: दुर्जन सिंह के अनुसार, 24 मई को विदिशा से उनके कुछ रिश्तेदार घर आए थे, जिनमें सोनू पंडा की पत्नी आरती भी शामिल थीं। इसी बात को लेकर बाबा सुनील सराठे ने आपत्ति जताई और विवाद की शुरुआत हुई।
- पहली घटना (24 मई): आरोप है कि सुनील सराठे अपने साथी राहुल लोधी, अभिषेक लोधी, हीरेन्द्र और अन्य लोगों के साथ दुर्जन सिंह के घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकियां दीं।

लकड़ी-डंडों से खूनी हमला: 78 वर्षीय बुजुर्ग के सिर में आए 9 टांके!
आवेदन के मुताबिक, विवाद यहीं नहीं थमा और 27 मई को जब दुर्जन सिंह इलाज के सिलसिले में भोपाल गए हुए थे, तब उनके पीछे घर पर सुनियोजित हमला किया गया:
- घर में घुसकर मारपीट: सुनील सराठे, उनके भाई अनिल, ड्राइवर और अन्य साथियों ने घर में घुसकर रामप्रसाद विश्वकर्मा, मुन्नालाल विश्वकर्मा, ममतेश, पूनेश, विशाल और घर की महिलाओं पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
- बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल: इस बर्बर हमले में 78 वर्षीय बुजुर्ग रामप्रसाद विश्वकर्मा के सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनके सिर में 8 से 9 टांके आए हैं। अन्य घायलों के हाथों और शरीर पर भी गंभीर चोटों के निशान हैं।
विश्वकर्मा समाज ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस ने आवेदन लेकर मामले को जांच में लिया है।





