राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐतिहासिक यूरोपीय दौरा कल से: मोल्डोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया जाने वाली देश की पहली राष्ट्रपति; रोमानिया में 3 दशक बाद बड़ा कदम

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International Desk (18 July 2026): भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल (19 जुलाई) से मध्य और पूर्वी यूरोप के तीन प्रमुख देशों— मोल्डोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया के ऐतिहासिक राजकीय दौरे (State Visits) पर रवाना हो रही हैं।

नई दिल्ली में मीडिया को ब्रीफिंग देते हुए विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) श्री सिबी जॉर्ज ने बताया कि 25 जुलाई 2026 तक चलने वाला यह महत्वपूर्ण दौरा मोल्डोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया के राष्ट्रपतियों के विशेष आमंत्रण पर आयोजित किया जा रहा है। कूटनीतिक और ऐतिहासिक लिहाज से भारत के लिए यह दौरा बेहद खास माना जा रहा है।

📌 इस ऐतिहासिक दौरे की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • 🌍 ऐतिहासिक पहला कदम: भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब कोई भारतीय राष्ट्रपति मोल्डोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया के द्विपक्षीय दौरे पर जा रहा है।
  • 🇷🇴 3 दशक बाद रोमानिया यात्रा: पिछले 32 वर्षों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली रोमानिया यात्रा है। इससे पहले 1994 में भारत के राष्ट्रपति रोमानिया गए थे।
  • दौरे की अवधि: कल से शुरू होकर आगामी 25 जुलाई 2026 तक चलेगा यह त्रिदेशीय दौरा।
  • 🎯 रणनीतिक लक्ष्य: मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी और यूरोपीय संघ (EU) के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना।

📜 ऐतिहासिक पन्नों में दर्ज होगा यह दौरा, कूटनीति के लिए बड़ा मील का पत्थर

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति के लिए एक नया अध्याय लिखने जा रही है:

दशकों पुराना इंतजार खत्म: सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने रेखांकित किया कि मोल्डोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में यह पहला मौका है जब शीर्ष स्तर का कोई भारतीय प्रतिनिधि वहां कदम रखेगा। वहीं, रोमानिया के साथ 1994 के बाद से थमी हुई उच्च-स्तरीय यात्राओं का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो रहा है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा देगा।

🇪🇺 यूरोपीय संघ (EU) और सेंट्रल यूरोप से मजबूत होगी साझेदारी

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरे के जरिए भारत ग्लोबल साउथ और यूरोप के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में उभर रहा है:

  • बढ़ती पैठ: यह यात्रा सेंट्रल और ईस्टर्न यूरोप के साथ भारत के लगातार बढ़ रहे जुड़ाव को प्रदर्शित करती है।
  • ग्लोबल पार्टनरशिप: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा इस पूरे क्षेत्र के देशों के साथ साझेदारी को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता है, जो यूरोपीय संघ (European Union) के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एक अहम पूरक हिस्सा है।

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