drmewsindia.com/सीहोर। पवित्र श्रावण मास का शुभारंभ गुरुवार को जिलेभर में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ हुआ। सावन के पहले ही दिन शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। जिले का प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा, जहां हजारों भक्तों और कांवड़ियों ने भगवान कुबेरेश्वर महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सीवन नदी से निकली कांवड़ यात्रा
श्रावण मास के प्रथम दिवस पर सुबह से ही सीहोर की सीवन नदी के तट पर शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने पवित्र नदी से जल भरकर कांवड़ यात्रा प्रारंभ की और पैदल चलते हुए कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और “बोल बम”, “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। मंदिर पहुंचने के बाद भक्तों ने विधि-विधान से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

पंडित प्रदीप मिश्रा ने दी सावन की शुभकामनाएं
श्रावण मास के शुभारंभ पर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने देशवासियों और शिव भक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के साथ किए गए पूजन-अर्चन से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं तथा भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
ग्रामीण अंचलों में भी धार्मिक आयोजन शुरू
श्रावण मास के पहले दिन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी धार्मिक आयोजनों की शुरुआत हो गई। ग्राम छतरी स्थित हनुमान मंदिर परिसर में ग्रामीणों के सहयोग से एक माह तक चलने वाले अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं।
जिलेभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़
श्रावण मास के पहले दिन श्यामपुर, दोराहा, अहमदपुर, चरनाल, चांदबढ़ जागीर, बरखेड़ा हसन, खजुरिया बंगला, झरखेड़ा सहित जिले के अनेक शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह से देर शाम तक भगवान शिव के जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और विशेष पूजन का सिलसिला चलता रहा। प्रशासन और मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी कीं।
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही सीहोर जिला पूरी तरह शिवमय हो गया है। आने वाले पूरे महीने जिलेभर में कांवड़ यात्राएं, जलाभिषेक, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक आयोजन लगातार आयोजित किए जाएंगे, जिससे धार्मिक वातावरण और अधिक उल्लासपूर्ण बना रहेगा।





