drnewsindia.com / डिजिटल डेस्क | सीहोर (श्यामपुर): गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सोमवार को सीहोर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गणेशोत्सव का श्रीगणेश हो गया। श्यामपुर, दोराहा, अहमदपुर और चरनाल सहित दर्जनों गांवों में श्रद्धा और भक्ति के माहौल में प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। बरखेड़ा हसन में मामू गणेश उत्सव समिति द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्रा में बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
🌧️ श्रीराम मंदिर से गणेश पंडाल तक निकली शोभायात्रा; घोड़ी नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र
बरखेड़ा हसन में ढोल-नगाड़ों और जयकारों की गूंज के बीच भगवान गणेश की अगवानी की गई:
- बारिश में भी उत्साह: सुबह से हो रही रुक-रुककर बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
- शोभायात्रा का मार्ग: प्रतिमा को श्रीराम मंदिर से लेकर गणेश पंडाल तक भव्य जुलूस के साथ लाया गया।
- विशेष आकर्षण: शोभायात्रा के दौरान घोड़ी का नृत्य और ढोल-नगाड़ों की थाप आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।
- गणमान्य जन रहे मौजूद: आयोजन में ग्राम पटेल सतीश धूत, बाबूलाल विश्वकर्मा, जनपद सदस्य रमेश लोधी, सुरेश लोधी, भंवरलाल लोधी और पूर्व सरपंच हेमराज लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
🛕 केदारनाथ मंदिर की थीम पर तैयार हुआ भव्य पंडाल
- आकर्षक सजावट: इस वर्ष मामू गणेश उत्सव समिति की ओर से गणेश पंडाल को उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर की थीम पर भव्य रूप से सजाया गया है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- जन्म महाआरती: दोपहर ठीक 12 बजे विधि-विधान के साथ भगवान श्रीगणेश की जन्म महाआरती संपन्न हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
🚩 श्यामपुर से चरनाल तक सैकड़ों पंडालों में विराजे गणपति
जिले के ग्रामीण इलाकों में छोटे-बड़े सैकड़ों पंडालों में गणेशजी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
मुख्य रूप से श्यामपुर, दोराहा, झरखेड़ा, बरखेड़ी दोराहा, शाहजहापुर, बरखेड़ा देवा, महुआखेड़ा, सौठी, खाईखेड़ी, छतरी, हिनौती, हथियाखेड़ा, अहमदपुर, सुआखेड़ी, दौलतपुरा, गढ़ी बगराज, हसनपुर तिनोनिया, चरनाल, छतरपुरा, आछारोही, रावतखेड़ी, चांदबड़ जागीर, गवा, बासिया और पीलूखेड़ी में अगले 12 दिनों तक विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
🗓️ सीहोर श्रीगणेश मंदिर में 10 नहीं, 12 दिन चलेगा गणेश उत्सव
सीहोर स्थित प्राचीन श्रीगणेश मंदिर में भी उत्सव का आगाज हो चुका है:
- विशेष संयोग: मंदिर के पुजारी पंडित जय दुबे के अनुसार, इस वर्ष विशेष योग बनने के कारण गणेश उत्सव सामान्य 10 दिनों के स्थान पर 12 दिनों (14 सितंबर से 25 सितंबर/अनंत चतुर्दशी) तक चलेगा।
- प्रतिदिन नया श्रृंगार: 12 दिनों तक मंदिर में भगवान गणेश का प्रतिदिन अलग-अलग और भव्य श्रृंगार किया जाएगा।




