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भगवान शिव के सबसे प्रिय माह सावन के दूसरे सोमवार पर आज मध्य प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। आज सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बनने से मंदिरों में सुबह से ही दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
उज्जैन: महाकालेश्वर में भस्म आरती का दिव्य अलौकिक दृश्य
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की भस्म आरती के लिए तड़के 2:30 बजे मंदिर के कपाट खोले गए।
- परंपरा का निर्वहन: सबसे पहले सभा मंडप में शिव के गण वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन कर आज्ञा ली गई। इसके पश्चात चांदी का पट खोलकर कर्पूर आरती की गई।
- नंदी हॉल में पूजन: नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और विधि-विधान से पूजन संपन्न हुआ।
- पंचामृत अभिषेक: बाबा महाकाल को जल चढ़ाने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से स्नान कराया गया।
- भव्य श्रृंगार: भगवान महाकाल को रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट, आभूषणों के साथ भांग, चंदन और ड्राईफ्रूट्स से अलौकिक रूप में सजाया गया।
- भस्म रमाना: विशेष श्रृंगार के बाद बाबा को भस्म चढ़ाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, मुंडमाल, रुद्राक्ष और ताजे फूलों की माला धारण कराकर फल एवं मिठाई का महाभोग लगाया गया।
विशेष: मंदिर के पट खुलने से लेकर भस्म रमाने तक बाबा महाकाल अपने निराकार स्वरूप में रहते हैं। पिछले सोमवार को यहाँ 6.13 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, और आज भी देशभर से भारी संख्या में भक्त उज्जैन पहुंचे हैं।

ओंकारेश्वर: बाबा ओंकार का महाश्रृंगार और महाभोग
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर स्थित ज्योतिर्लिंग में भी अलसुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं।
- बाबा ओंकारेश्वर को बेलपत्र और रंग-बिरंगे ताजे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया।
- महाश्रृंगार के बाद भगवान को महाभोग लगाया गया और दर्शनार्थियों के लिए द्वार खोल दिए गए।
जबलपुर: 33 किलोमीटर लंबी संस्कार कावड़ यात्रा शुरू
संस्कारधानी जबलपुर में सावन के दूसरे सोमवार पर 33 किलोमीटर लंबी ‘संस्कार कावड़ यात्रा’ का भव्य शुभारंभ हो चुका है। हजारों कांवड़िये नर्मदा जल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे पूरा शहर ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा है।




