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सीहोर/इछावर (स्थानीय ब्यूरो)। मानसून की शुरुआती बारिश ने ही सीहोर जिले की इछावर नगर परिषद के विकास के दावों और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार दोपहर को हुई महज आधे घंटे की तेज बारिश के बाद पूरा नगर जलमग्न हो गया और मुख्य मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया।
इस भारी जलभराव और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ वार्ड क्रमांक 15 के कांग्रेस पार्षद जुनेद खान ने बीच सड़क पर भरे पानी में रबर के ट्यूब पर बैठकर एक बेहद अनोखे अंदाज में नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोला और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
🌊 आधे घंटे की आफत: सड़कों पर आया नालियों का पानी, दुकानों-घरों में घुसा
मंगलवार को दोपहर के समय इछावर में करीब 30 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। इस अल्पकालिक बारिश ने ही ड्रेनेज (पानी निकासी) की बदइंतजामी को सरेआम उजागर कर दिया:
- सड़कें बनीं तालाब: पानी की सही ढंग से निकासी न होने के कारण नगर के मुख्य मार्ग पूरी तरह से टापू में तब्दील हो गए।
- व्यापारी और रहवासी बेहाल: कई प्रमुख चौराहों और वार्डों में नालियों का गंदा पानी उफनकर लोगों के घरों और व्यापारियों की दुकानों के भीतर तक घुस गया। इसके चलते स्थानीय नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

🛞 बीच सड़क पर ट्यूब लेकर उतरे पार्षद जुनेद खान; परिषद को घेरा
नगर परिषद के दावों से नाराज कांग्रेस पार्षद जुनेद खान मुख्य मार्ग के बीचों-बीच जमा पानी में उतरे और रबर की बड़ी हवा वाली ट्यूब पर बैठ गए।
- व्यवस्था पर खड़े किए सवाल: पार्षद ने उसी व्यस्त मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया जहां से एंबुलेंस, स्कूली वाहन और आम राहगीर गुजरते हैं।
- लाखों के खर्च पर उठाए सवाल: प्रदर्शन के दौरान पार्षद और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद हर साल मानसून से पहले नालों और नालियों की सफाई के नाम पर कागजों में लाखों रुपये खर्च करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पहली तेज बारिश ने ही इन दावों की हकीकत को जनता के सामने ला दिया है।

😤 “हर साल की यही कहानी…” स्थायी समाधान की मांग पर अड़े ग्रामीण
इछावर के स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में इस चिरकालिक समस्या को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है:
“इछावर में यह समस्या किसी एक साल की नहीं है, बल्कि हर बारिश में नगर परिषद की अनदेखी का खामियाजा हमें भुगतना पड़ता है। नालों का गहरीकरण और समय पर गाद (सफाई) न होने से पानी थम जाता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि भ्रष्टाचार को बंद कर इस ड्रेनेज सिस्टम का एक स्थायी और ठोस समाधान निकाला जाए।” — स्थानीय व्यापारी व ग्रामीण



