सीहोर में हाई-वोल्टेज ड्रामा: ‘जल गंगा अभियान’ के सरकारी बैनर से पंचायत मंत्री और जिपं अध्यक्ष की तस्वीरें गायब; CEO को लगी कड़ी फटकार

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"सीहोर में बवाल: सरकारी बैनर से गायब हुईं पंचायत मंत्री और जिपं अध्यक्ष की तस्वीरें; जनपद CEO को मंच पर लगी फटकार!"

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सीहोर/इछावर (विशेष ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम में प्रोटोकॉल उल्लंघन का एक बड़ा और गर्माता हुआ मामला सामने आया है। कार्यक्रम के शासकीय बैनर और पोस्टरों से विभागीय पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा की तस्वीरें पूरी तरह गायब थीं। इस बड़ी प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कार्यक्रम स्थल पर ही गहरी नाराजगी जताई और इछावर जनपद पंचायत की सीईओ (CEO) रुषाली पोरस को जमकर फटकार लगाई।

इस घटना के बाद से ही जिले के प्रशासनिक और राजनैतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है।

🚫 प्रोटोकॉल की सरेआम धज्जियां: बैनर से गायब दिखे ‘VIP’ चेहरे

यह जिला स्तरीय भव्य समापन कार्यक्रम इछावर जनपद पंचायत की ओर से आयोजित किया गया था। शासकीय नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय मंत्रियों के प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां स्थिति बिल्कुल उलट दिखी:

  • विभागीय मंत्री की अनदेखी: कार्यक्रम स्थल पर जो मुख्य सरकारी बैनर और पोस्टर लगाए गए थे, उनमें से विभाग के मुखिया और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल की तस्वीर ही गायब थी।
  • मंच पर तीखी बहस: जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा की फोटो भी पोस्टरों में कहीं नहीं थी। जब अध्यक्ष कार्यक्रम में पहुंचीं, तो यह लापरवाही देखकर उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद जनपद सीईओ रुषाली पोरस को फटकार लगाते हुए दो टूक कहा कि— “शासकीय कार्यक्रमों में ऐसी घोर लापरवाही और प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

सूत्रों के मुताबिक, इस भारी चूक को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया है और जिम्मेदार लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।

🌊 ग्राम सतपिपलिया में हुआ समापन; राजस्व मंत्री ने किया श्रमदान

विवादों के बीच, जल एवं जल स्रोतों के संरक्षण और जनजागरूकता के उद्देश्य से जिले में 19 मार्च से 30 जून तक चलाया गया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब आधिकारिक रूप से संपन्न हो गया है:

  • श्रमदान और सम्मान: इछावर के ग्राम सतपिपलिया में आयोजित इस जिला स्तरीय समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा शामिल हुए। उन्होंने स्वयं तालाब में उतरकर श्रमदान किया, पौधारोपण किया और जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले कर्मवीरों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
  • भावी पीढ़ी का संकल्प: इस मौके पर राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यह अभियान केवल एक सरकारी कागजी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का एक महा-संकल्प है। उन्होंने जनता से सालभर जल संवर्धन का कार्य जारी रखने की भावुक अपील की।

📊 ‘जल गंगा अभियान’ के तहत सीहोर जिले में हुए ये बड़े कार्य

तीन महीने से अधिक समय तक चले इस व्यापक अभियान के दौरान सीहोर और उसके आसपास के ग्रामीण अंचलों में धरातल पर कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए:

  • जल संरचनाओं का विकास: चेक डैम निर्माण, नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का गहरीकरण।
  • शहरी व ग्रामीण जल प्रबंधन: रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना, जल गुणवत्ता परीक्षण (वाटर टेस्टिंग), पाइपलाइन सुधार और प्याऊ की स्थापना।
  • जन-जागरण गतिविधियां: ग्रामीणों को जोड़ने के लिए जल चौपाल, भव्य जागरूकता रैलियां, वृक्ष पूजन, जल स्रोत पूजन, प्रभात फेरी और मातृशक्ति द्वारा कलश यात्राओं का आयोजन किया गया।

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