drnewsindia.com / डिजिटल डेस्क | श्यामपुर: पार्वती नदी पर बनी रिंसाई परियोजना के डैम में आगामी रबी सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए जल संरक्षण (पानी रोकने) का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस सीजन में डैम में लगभग 6 मीटर तक पानी रोकने की तैयारी की गई है। इसके तहत डैम के कुल 18 गेटों में से 14 गेट बंद कर दिए गए हैं, जबकि मानसूनी बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 4 गेटों को फिलहाल खुला रखा गया है।
पार्वती नदी में पानी का ठहराव होने से नदी और उससे जुड़े सहायक नदी-नालों में जल की उपलब्धता बनी रहेगी, जिससे पूरे क्षेत्र के जलस्तर में सुधार होगा।

🌾 राजगढ़ और शाजापुर जिले के दर्जनों गांवों को मिलेगा पानी
रिंसाई डैम में जल स्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों के किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है:
- प्रभावित गांव: कचनारिया, खंडवा, कदाराबाद और कादमपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
- जलस्रोतों पर सकारात्मक असर: डैम में पानी रुकने से आसपास के कुओं, बोरवेल और अन्य जलस्रोतों का वाटर लेवल बढ़ेगा, जिससे रबी सीजन के दौरान किसानों को सिंचाई में अतिरिक्त सहारा मिलेगा।
🚰 4 गेट खुले, 2027 में पूरी क्षमता के साथ भरा जाएगा डैम
डैम के संचालन और आगामी योजनाओं से जुड़ी प्रमुख बातें:
- जलस्तर पर नियंत्रण: बारिश की संभावनाओं को देखते हुए 4 गेटों को खुला रखा गया है ताकि जलस्तर को सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सके।
- वर्ष 2027 में टेस्टिंग: परियोजना अधिकारियों के अनुसार, डैम की फुल कैपेसिटी (पूर्ण क्षमता) पर पानी रोकने का काम वर्ष 2027 में तकनीकी टेस्टिंग पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।
- महत्वपूर्ण कदम: टेस्टिंग से पहले इस साल 6 मीटर तक पानी रोकना ही किसानों की फसलों को बचाने और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





