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सीहोर (Shyampur/Ashta)। पवित्र पर्व गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर नर्मदा तट ‘आंवलीघाट’ पहुंचीं। उन्होंने प्रदेशव्यापी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री गौर ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की और वहां मौजूद सभी नागरिकों को जल स्रोतों के संरक्षण व उन्हें सहेजने की शपथ दिलाई।
मीडिया से चर्चा में पर्यावरण पर जोर, ग्रामीणों ने गिनाईं समस्याएं
आंवलीघाट पर मीडिया से बातचीत करते हुए प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने पर्यावरण की रक्षा और जल स्रोतों की स्वच्छता पर विशेष बल दिया। हालांकि, इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों ने मंत्री का ध्यान घाट पर लंबे समय से चली आ रही गंभीर समस्याओं की ओर खींचा।
ग्रामीणों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित शिकायतें मंत्री के सामने रखीं:
- नर्मदा में मिल रहा गंदा पानी: ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का दूषित और गंदा पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे मां नर्मदा की पवित्र धारा में मिल रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है।
- ₹20 की अवैध वसूली: घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं से ₹20 की रसीद काटी जा रही है। स्थानीय लोगों ने इसे पूरी तरह अनुचित और अवैध वसूली बताया है।
- घाटों पर गंदगी का अंबार: प्रसिद्ध तीर्थ स्थल होने के बावजूद घाटों पर नियमित साफ-सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।

प्रभारी मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि वह इस मामले में स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत के अधिकारियों से तुरंत चर्चा करेंगी। पंचायत स्तर पर ली जा रही रसीद के सवाल पर उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता आने के बाद इन शुल्कों और व्यवस्थाओं को लेकर उचित व जनहित में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने नर्मदा जल को स्वच्छ रखने के लिए हर संभव कदम उठाने का भरोसा दिया।
वरिष्ठ भाजपा नेता आसाराम यादव के इस्तीफे पर क्या बोलीं मंत्री?
आंवलीघाट पर पत्रकारों ने प्रभारी मंत्री से बुधनी विधानसभा क्षेत्र में विकास योजना समिति से भाजपा के वरिष्ठ नेता आसाराम यादव द्वारा दिए गए इस्तीफे को लेकर भी तीखे सवाल पूछे। पत्रकारों ने जब यह ध्यान दिलाया कि इस्तीफे के पीछे क्षेत्र में ‘अफसरशाही’ (ब्यूरोक्रेसी) के हावी होने के आरोप लग रहे हैं, तो मंत्री ने मामले को संभालने की कोशिश की।
“आसाराम यादव जी हमारे बहुत वरिष्ठ नेता हैं। अभी इस विषय में मेरी उनसे सीधी बातचीत नहीं हो पाई है। मैं जल्द ही उनसे मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी लूंगी, उसके बाद ही इस विषय पर कुछ कहना उचित होगा।” — कृष्णा गौर, प्रभारी मंत्री
आंवलीघाट पर स्थानीय मुद्दों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश और बुधनी में राजनीतिक हलचल इस समय जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।





