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सीहोर (शहरी ब्यूरो)। सीहोर नगर पालिका की वादाखिलाफी और बुनियादी सुविधाओं की लगातार अनदेखी से गुस्साए वार्ड क्रमांक 1 के रहवासियों के सब्र का बांध आखिरकार मंगलवार सुबह टूट गया। सालों से बदहाल और कीचड़-गड्ढों से सराबोर सड़क का निर्माण न होने से नाराज सैकड़ों रहवासी अलसुबह कोलीपुरा चौराहे पर इकट्ठा हुए और चारों तरफ से चक्काजाम कर दिया।
इस उग्र प्रदर्शन के कारण व्यस्ततम कोलीपुरा चौराहे के चारों ओर वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे पूरे सीहोर शहर की यातायात व्यवस्था और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
😤 “हर चुनाव में सिर्फ झूठे वादे…” कड़कती धूप में सड़क पर बैठीं महिलाएं
प्रदर्शन में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हुए। आक्रोशित रहवासियों ने सड़क के बीचों-बीच दरी बिछाकर मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया और नगर पालिका प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की:
- नेताओं पर साधा निशाना: स्थानीय निवासियों ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे पिछले कई सालों से कीचड़, धूल और जानलेवा गड्ढों वाली सड़क पर चलने को मजबूर हैं। हर चुनाव (चाहे विधानसभा हो या नगरीय निकाय) में नेता और अफसर हाथ जोड़कर सड़क बनवाने का वादा करते हैं, लेकिन वोट मिलते ही इन वादों को कचरे के डिब्बे में डाल दिया जाता है।

🤕 कीचड़ और धूल से बच्चे-बुजुर्ग बीमार; दर्जनों शिकायतों पर भी सोया रहा प्रशासन
रहवासियों ने बताया कि इस बदहाल सड़क के कारण वार्ड के हालात बद से बदतर हो चुके हैं:
- रोजाना हो रहे हादसे: सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हैं कि आए दिन स्कूली बच्चे और बुजुर्ग पैदल चलते या दोपहिया वाहन से गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
- बीमारियों का घर: गर्मियों में उड़ने वाली धूल के कारण इलाके में सांस और दमा संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं मानसून की शुरुआत होते ही यह सड़क पूरी तरह किसी तालाब में तब्दील हो जाती है।
- CM हेल्पलाइन भी बेअसर: प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका से लेकर सीएम (CM) हेल्पलाइन तक दर्जनों बार ऑनलाइन और लिखित शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन जब प्रशासन ने कान बंद कर लिए, तो हमें मजबूरन यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।

📜 अफसरों की समझाइश फेल, ‘लिखित आश्वासन’ पर अड़े प्रदर्शनकारी
चक्काजाम की खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कोलीपुरा चौराहा शहर का मुख्य और व्यस्त केंद्र होने के कारण वहां दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बसें और व्यापारिक वाहन बुरी तरह फंस चुके थे:
- अधिकारियों को दो टूक: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जनता को समझाने और जाम खुलवाने की काफी कोशिश की।
- समय-सीमा तय करने की मांग: लेकिन आक्रोशित रहवासी और मातृशक्ति इस बात पर अड़ गई कि अब मौखिक बातों पर भरोसा नहीं किया जाएगा। रहवासियों ने साफ कह दिया कि जब तक जिले के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर आकर सड़क निर्माण का लिखित आश्वासन नहीं देते और काम शुरू करने की समय-सीमा (डेडलाइन) तय नहीं करते, तब तक चक्काजाम 1 इंच भी नहीं हटेगा।




