drnewsindia.com / सीहोर (पचामा)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। संभागीय उड़नदस्ता भोपाल और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी पर देर रात छापेमारी कर 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया है। मामला सामने आने के बाद विभाग ने डेयरी का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर इसी डेयरी पर यह लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
🚨 देर रात छापेमारी, भारी मात्रा में मिला नमक और शक्कर
खाद्य आयुक्त को सीहोर के पचामा स्थित डेयरी में बड़े पैमाने पर एनालॉग पनीर बनाए जाने की गुप्त शिकायतें मिल रही थीं।
- खामियां ही खामियां: उड़नदस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पनीर बनाने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। फैक्ट्री परिसर से भारी मात्रा में नमक और शक्कर बरामद हुई, जिसका उपयोग अमानक पनीर तैयार करने में किया जा रहा था।
- पैकिंग व लेबलिंग में बड़ा झोल: जब्त किए गए पनीर के पैकेटों पर न तो कंपनी का नाम दर्ज था और न ही उत्पाद की जानकारी। लेबलिंग से जुड़े सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

⛔ प्रतिबंध के बाद भी बेधड़क जारी था उत्पादन
मध्य प्रदेश सरकार ने 12 अगस्त 2026 से पूरे प्रदेश में एनालॉग (सिंथेटिक/आर्टिफिशियल) पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बावजूद रुद्रांश डेयरी में धड़ल्ले से इसका उत्पादन किया जा रहा था।
सील किया गया माल: अधिकारियों ने 25 क्विंटल (2500 किलो) अमानक एनालॉग पनीर को मौके पर ही जब्त कर सील कर दिया है और सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
⚠️ एक हफ्ते में दूसरी बार गिरी गाज; लाइसेंस हुआ सस्पेंड
इससे पहले भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने इसी रुद्रांश डेयरी पर छापा मारकर 2 क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया था।
पहली कार्रवाई के बावजूद सुधरने के बजाय दोबारा भारी मात्रा में प्रतिबंधित पनीर पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए डेयरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




