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सीहोर। मध्य प्रदेश में संविदा नीति, वेतन विसंगति और नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के विरोध में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। जिले में जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के 8वें दिन कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ एक अनोखा और आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर ही कर्मचारियों ने चूल्हा जलाया और उस पर चाय बनाकर सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
कर्मचारियों का कहना है कि वे इस अनोखे प्रदर्शन के जरिए सोई हुई सरकार तक अपनी जायज मांगों का संदेश पहुंचाना चाहते हैं।
📢 ‘संविदा एकता जिंदाबाद’ के नारों से गूंजा धरना स्थल
मंगलवार को धरना स्थल पर जिलेभर से बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी एकत्रित हुए। इस दौरान ‘संविदा एकता जिंदाबाद’ और ‘शोषणकारी नीति बंद करो’ जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
- लंबे समय से शोषण का आरोप: प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे वर्षों से इस भेदभावपूर्ण और शोषणकारी संविदा नीति का दंश झेल रहे हैं।
- आर-पार की लड़ाई: कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अब नियमितीकरण (Regularization) और समान कार्य-समान वेतन की मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

🚨 आंदोलन का अगला चरण: 11 जून को ‘भोपाल चलो’ का नारा
सीहोर में चल रही इस हड़ताल के बीच अब प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। कर्मचारियों ने अपने अगले कदम का एलान कर दिया है:
- ज्ञापन सौंपना: आंदोलन के अगले चरण के तहत कर्मचारी स्थानीय प्रशासन को अपनी मांगों का एक विस्तृत और अंतिम ज्ञापन सौंपेंगे।
- CM हाउस का घेराव: 11 जून को सीहोर सहित पूरे मध्य प्रदेश के कोने-कोने से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी राजधानी भोपाल में जुटेंगे। यहाँ सभी कर्मचारी मिलकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे और अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
सीहोर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और इस आंदोलन से जुड़ी हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहिए drnewsindia.com।




