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भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय (भोपाल) में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास, बुनियादी ढांचे, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण को लेकर कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। कैबिनेट ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मजबूत करने के लिए 13 हजार 800 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है।
इसके अलावा, भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के विस्तार, आईटी सेक्टर के आधुनिकीकरण और किसानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए हैं।
🚄 1. भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट: ₹13,565.84 करोड़ की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी
भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार देने के लिए कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर ₹13,565.84 करोड़ की पुनरीक्षित राशि को हरी झंडी दे दी है।
- लागत में वृद्धि: मेट्रो की मूल लागत 6,941.40 करोड़ रुपये थी, जिसमें 3,092.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर अब संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रुपये कर दी गई है।
- अतिरिक्त वित्त पोषण: इसके साथ ही स्वीकृत मानदंडों के तहत 3,532 करोड़ 22 लाख रुपये के अतिरिक्त वित्त पोषण (Financial Funding) को भी मंजूरी मिली है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की इक्विटी, लोन और टैक्स ग्रांट्स शामिल हैं।

🌾 2. किसान और व्यापार जगत के लिए बड़े फैसले
कपास उद्योग को बढ़ावा देने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
- कपास पर मंडी फीस आधी हुई (1% से घटाकर 0.5%): प्रदेश की लगभग 158 कपास जिनिंग मिलों की आर्थिक स्थिति सुधारने और व्यापार को पड़ोसी राज्यों में पलायन करने से रोकने के लिए मंडी फीस को आधा कर दिया गया है। इससे इनपुट लागत घटेगी, रोजगार बढ़ेगा और राज्य का GST कलेक्शन मजबूत होगा।
- मंडी शुल्क में बदलाव (₹1 से बढ़ाकर ₹1.50): किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को 1 रुपये से बढ़ाकर 1.50 रुपये किया गया है। इससे सरकार को ₹500 करोड़ की अतिरिक्त वार्षिक आय होगी। इस अतिरिक्त 50 पैसे की राशि का उपयोग कहाँ होगा, इसे नीचे दी गई तालिका से समझें:
📊 मंडी शुल्क की अतिरिक्त आय का कहाँ होगा उपयोग?
| कार्य/निधि का नाम | आबंटित हिस्सा (पैसे में) |
| कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि | 4.25 पैसे |
| किसान सड़क निधि (ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण अंश) | 20 पैसे |
| गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि | 12 पैसे |
| किसान सड़क निधि (मंडियों की मूलभूत संरचना) | 10 पैसे |
| प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन | 1.75 पैसे |
| मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना | 2 पैसे |
| नोट: निराश्रित शुल्क को यथावत 20 पैसे रखा गया है। |
बड़ा फायदा: इस निर्णय से अब जिलों में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रोसेसिंग यूनिट (प्रसंस्करण इकाईयों) और लॉजिस्टिक सुविधाओं को भारी प्रोत्साहन मिलेगा।

💻 3. डिजिटल एमपी: आई.टी. संवर्ग और कार्य योजना के लिए ₹235.63 करोड़ स्वीकृत
मध्य प्रदेश को ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों (2026-2031) के लिए बजट स्वीकृत किया गया है:
- राज्य आई.टी. संवर्ग अनुदान (₹180.20 करोड़): इसके जरिए शासन के विभिन्न विभागों, निगमों और प्राधिकरणों को तकनीकी परामर्श सेवाएं देने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति, क्षमता विकास और प्रशिक्षण दिया जाएगा। भविष्य में यह विंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बिग डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन और साइबर सुरक्षा जैसे एडवांस क्षेत्रों के लिए काम करेगी।
- सूचना प्रौद्योगिकी कार्य योजना (₹55.43 करोड़): इसके तहत VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा का नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही बेहतरीन काम करने वालों को ‘ई-गवर्नेंस उत्कृष्टता पुरस्कार’ से नवाजा जाएगा।

🤝 4. फसलों के सुचारू उपार्जन के लिए ₹8,600 करोड़ की शासकीय गारंटी
आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूं उपार्जन और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान व मोटे अनाजों की सुचारू खरीदी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बड़ा वित्तीय कदम उठाया है।
- कैबिनेट ने एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन (MPSCSC) और मार्कफेड को विभिन्न बैंकों, नाबार्ड व वित्तीय संस्थानों से राशि उधार लेने के लिए ₹8,600 करोड़ की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति (Government Guarantee) स्वीकृत की है।
- इसके अतिरिक्त, सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को 1 साल की अवधि के लिए ₹29,500 करोड़ की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति अलग से उपलब्ध कराई गई है ताकि किसानों से फसलों की खरीदी निर्बाध रूप से की जा सके।
मध्य प्रदेश सरकार के फैसलों और प्रदेश की हर प्रशासनिक व राजनैतिक खबर की सबसे सटीक और विस्तृत रिपोर्ट के लिए पढ़ते रहिए drnewsindia.com।





