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सीहोर (Shyampur): जिले के श्यामपुर तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पीलूखेड़ी में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विवादित जमीन पर बोवनी कराने पहुंची राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने अचानक लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में हल्का पटवारी और एक महिला आरक्षक समेत कुल पांच लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद अहमदपुर थाना पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, भोपाल निवासी अवधेश सेंगर की 3.236 हेक्टेयर कृषि भूमि को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि कुछ लोग इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीड़ित किसान ने प्रशासन से गुहार लगाई थी, जिसके बाद श्यामपुर तहसीलदार ने अवधेश सेंगर को शांतिपूर्वक बोवनी कराने के लिए पुलिस बल की मांग की थी।
मौके पर पहुंचते ही शुरू हुआ पथराव और हमला
बुधवार को जब तहसीलदार श्याम नंदन चंदेले, हल्का पटवारी सुमित मीणा और पुलिस बल की मौजूदगी में खेत पर बोवनी का कार्य शुरू कराया जा रहा था, तभी दूसरे पक्ष के लोग भड़क गए। आरोप है कि:
- विश्राम मेवाड़ा
- राजेंद्र मेवाड़ा
- पर्वत मेवाड़ा
- सीताबाई
- कलावती
- छिप्रा बाई
सहित अन्य सहयोगियों ने हाथों में लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर टीम पर हमला बोल दिया।

हमले में यह लोग हुए घायल
इस अचानक हुए हमले में शासकीय कार्य कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना में निम्नलिखित लोग घायल हुए हैं:
- सुमित मीणा (हल्का पटवारी)
- वैशाली (महिला आरक्षक)
- अवधेश सेंगर (आवेदक/किसान)
- शुभम जाटव
- बसंती बाई
सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
शासकीय कार्य में बाधा: 6 पर FIR दर्ज
घटना के बाद हल्का पटवारी की शिकायत पर अहमदपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी छह नामजद आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने (Obstruction of Official Duty), मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी टी. रमन सिंह ठाकुर ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, एएसपी सुनीता रावत ने इस संबंध में कहा, “घटना बेहद गंभीर है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में एक और चर्चा भी जोरों पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व टीम विवादित जमीन पर मालिकाना हक का अंतिम फैसला या कब्जा दिलाए बिना ही, सीधे पुलिस बल के साथ बुवाई कराने पहुंच गई थी, जिससे स्थिति बिगड़ गई। हालांकि, इस दावे पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। देर शाम तक दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी भी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
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