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Rehti / Sehore Desk (17 July 2026): सीहोर जिले के रेहटी स्थित सांदीपनी स्कूल में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के एक महीने बाद भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। स्कूल प्रबंधन की लचर व्यवस्था के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं को अब तक स्कूल बस की सुविधा नहीं मिल सकी है।
बस नहीं मिलने से बच्चों की नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे क्षेत्र के अभिभावकों में स्कूल प्रशासन और बस कंपनी के खिलाफ भारी आक्रोश है। नई बिल्डिंग शुरू होने के बाद स्कूल में बच्चों की संख्या तो तेजी से बढ़ी, लेकिन उस अनुपात में बसों के इंतजाम नहीं किए गए।
📌 मामले के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 🚌 नियमों की अनदेखी: स्कूल में 20 किलोमीटर के दायरे वाले छात्र-छात्राओं को निःशुल्क बस सुविधा देने का प्रावधान है, जो वर्तमान में बंद है।
- 🛑 20 से ज्यादा गांव प्रभावित: पथोड़ा, मोगरा, बरखेड़ा, नदियाखेड़ा और झोलियापुर सहित 20 से अधिक गांवों के बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं।
- 🚶♂️ पैदल जाने की मजबूरी: कई गरीब अभिभावक निजी वाहन का खर्च उठाने में असमर्थ हैं, जिससे बच्चों को इतनी भीषण गर्मी में लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।
- 🏢 कागजों में अटकी कार्रवाई: स्कूल प्राचार्य ने 15 दिन पहले ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।

🤝 कंपनियों के आपसी फेरबदल में पिसा छात्रों का भविष्य
स्कूल की बसों के संचालन का ठेका समाया बस कंपनी के पास है। सूत्रों के मुताबिक:
ठेका आगे ट्रांसफर करने का खेल: समाया बस कंपनी ने इस रूट के बस संचालन का कार्य किसी अन्य कंपनी को सौंप दिया है। लेकिन नई कंपनी छात्रों की बढ़ी हुई संख्या के अनुसार अतिरिक्त बसें सड़क पर उतारने में नाकाम रही है। कंपनियों के इसी आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और शिक्षा दोनों दांव पर लगी हैं।

📉 अभिभावकों की मांग: जल्द शुरू हो अतिरिक्त बसें
सत्र की शुरुआत से ही अभिभावक लगातार स्कूल प्रबंधन से अतिरिक्त बसों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार केवल कोरा आश्वासन ही मिल रहा है। लंबी दूरी पैदल तय करने के कारण बच्चों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है और वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बसों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।




