drnewsindia.com:भोपाल
मध्य प्रदेश भीषण गर्मी और ‘लू’ (Heatwave) की चपेट में है। राज्य के अधिकांश शहरों में पारा 43°C के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं जताई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
🌡️ ये जिले हैं सबसे ज्यादा प्रभावित
मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के 37 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है:
- 🔴 रेड अलर्ट (तीव्र लू): टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना।
- 🟠 ऑरेंज अलर्ट: दतिया, निवाड़ी, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
- 🟡 येलो अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और रतलाम।
खजुराहो और नौगांव बने ‘हॉटस्पॉट’: शनिवार को नौगांव में अधिकतम तापमान 45.5°C और खजुराहो में 45.4°C दर्ज किया गया।
🚩 शुरू हुआ ‘नौतपा’, बढ़ेगी और तपन
25 मई से ‘नौतपा’ का दौर शुरू हो गया है। अगले 9 दिनों तक सूर्य की तपन और अधिक बढ़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 31 मई तक गर्मी अपने चरम (Peak) पर रहेगी।

⚠️ लू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां (Expert Advice)
भीषण गर्मी में स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है:
- दोपहर का समय: सुबह 12 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें।
- हाइड्रेशन: दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का सेवन करें।
- खानपान: हल्का और सुपाच्य भोजन करें। तला-भुना और मसालेदार खाना एसिडिटी और अपच का कारण बन सकता है।
- पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढंककर रखें।
- विशेष ध्यान: बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति अपना विशेष ध्यान रखें।
📉 प्रमुख शहरों में गर्मी का इतिहास (मई का ट्रेंड)
- ग्वालियर: यहाँ गर्मी का रिकॉर्ड 48.3°C रहा है। प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी यहीं पड़ती है।
- भोपाल: 2016 में तापमान 46.7°C तक पहुंच गया था। यहाँ गर्मी के साथ मई में कभी-कभी बारिश भी देखने को मिलती है।
- इंदौर: 1994 में पारा 46.6°C तक जा चुका है।
- जबलपुर: पिछले 10 वर्षों में यहाँ का तापमान तीन बार 45°C के पार गया है।

DR News India की सलाह:
भीषण गर्मी को हल्के में न लें। यदि आपको चक्कर आना, सिरदर्द या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो तुरंत छायादार स्थान पर जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें। सुरक्षित रहें, हाइड्रेटेड रहें!




