100% इथेनॉल को मिली मंजूरी, लेकिन क्या E20 पेट्रोल के लिए तैयार हैं आपकी गाड़ियां? भोपाल के मैकेनिकों का बड़ा और चौंकाने वाला दावा

0
2
"E20 पेट्रोल से खराब हो रहे हैं गाड़ियों के फ्यूल पंप? भोपाल के मैकेनिकों के दावे ने उड़ाए होश!"

drnewsindia.com

भोपाल (ऑटो डेस्क)। केंद्र सरकार ने देश में शत-प्रतिशत यानी 100% इथेनॉल को ईंधन (ईंधन के रूप में) इस्तेमाल करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान यह बड़ी जानकारी साझा की। इसके साथ ही वर्तमान में देश के पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) का इस्तेमाल भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

लेकिन इस बड़े बदलाव के बीच सबसे बड़ा और व्यावहारिक सवाल यह खड़ा हो गया है कि— क्या सड़कों पर दौड़ रही हमारी सभी पुरानी और नई गाड़ियां इस E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह तैयार हैं?

🛠️ भोपाल के ऑटो मैकेनिकों का बड़ा दावा: गाड़ियों में आ रही हैं ये 3 बड़ी दिक्कतें

इस तकनीकी बदलाव को लेकर ग्राउंड रियलिटी जानने के लिए जब भोपाल के स्थानीय ऑटो मैकेनिकों और एक्सपर्ट्स से बात की गई, तो उन्होंने कुछ बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक दावे किए हैं। उनके मुताबिक, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों में मुख्य रूप से ये शिकायतें सामने आ रही हैं:

  1. फ्यूल पंप का समय से पहले खराब होना: मैकेनिकों का दावा है कि जिन गाड़ियों में E20 पेट्रोल का लगातार इस्तेमाल हो रहा है, उनके फ्यूल पंप (Fuel Pump) उम्मीद से बहुत पहले दम तोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि पहले गाड़ी के पूरे जीवनकाल (Life Span) में जिस फ्यूल पंप को शायद ही कभी बदलना पड़ता था, अब कुछ मामलों में ग्राहकों को उसे कई बार बदलवाना पड़ रहा है।
  2. लंबे समय तक गाड़ी खड़ी रहने पर जाम होना: यदि कोई गाड़ी 15-20 दिन या उससे अधिक समय के लिए गैरेज या घर में खड़ी रह जाती है, तो उसके फ्यूल सिस्टम (Fuel System) में ब्लॉकेज और खराबी आने की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं।
  3. मेंटेनेंस का खर्च बढ़ना: फ्यूल लाइन, नोजल और इंजन के अंदरूनी हिस्सों में आ रही दिक्कतों की वजह से आम वाहन चालकों का गाड़ी मेंटेनेंस (रखरखाव) का बजट पहले के मुकाबले बढ़ गया है।

🔍 आखिर क्यों आ रही है यह दिक्कत? (समझें इसके पीछे का विज्ञान)

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, इथेनॉल की एक रासायनिक प्रकृति होती है कि वह नमी (पानी) को बहुत जल्दी सोखता है।

  • जंग और कोरोजन: जब पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जाता है, तो पुरानी गाड़ियों के मेटल (लोहे) से बने फ्यूल टैंक और फ्यूल पंप के रबर पार्ट्स इस केमिकल कंपोजिशन को झेल नहीं पाते।
  • सफेद कचरा जमना: लंबे समय तक गाड़ी खड़ी रहने पर इथेनॉल हवा की नमी सोखकर फ्यूल टैंक के नीचे बैठ जाता है, जिससे फ्यूल पंप में जंग लग जाती है या वह जाम हो जाता है। यही कारण है कि E20 कम्प्लायंट (E20 रेडी) न होने वाली गाड़ियों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है।

💡 वाहन चालक क्या करें? सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्स

यदि आपकी गाड़ी थोड़ी पुरानी है (विशेषकर साल 2023 से पहले की बनी हुई), तो आपको इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • गाड़ी को लंबे समय तक खड़ी न रखें: कोशिश करें कि गाड़ी नियमित रूप से चलती रहे ताकि फ्यूल टैंक के अंदर ईंधन का रोटेशन बना रहे।
  • भरोसेमंद पंप से ही लें ईंधन: हमेशा साफ-सुथरे और प्रामाणिक पेट्रोल पंप से ही तेल डलवाएं ताकि फ्यूल में अतिरिक्त नमी या मिलावट का खतरा न हो।
  • समय पर सर्विसिंग: अगर गाड़ी स्टार्ट होने में दिक्कत करे या चलते-चलते झटके ले, तो तुरंत मैकेनिक को दिखाकर फ्यूल फिल्टर और पंप की जांच कराएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here