drnewsindia.com/राजगढ़/खिलचीपुर
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में 49 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनी ‘सिटी पोर्शन रोड’ का मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है। सड़क किनारे बनी ड्रेनेज नाली में भारी अनियमितताओं और बारिश के पानी की निकासी बाधित होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इंदौर खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। माननीय न्यायालय ने इस मामले में खिलचीपुर-जीरापुर के एसडीएम (राजस्व) और राजगढ़ पीडब्ल्यूडी (PWD) के कार्यपालन यंत्री (EE) को तलब किया है।

28 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होना होगा पेश
हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने यह आदेश पार्षद मनीषा पति राकेश जायसवाल द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने दोनों जिम्मेदार अधिकारियों को आगामी 28 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से पेश होने और अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, शासकीय अधिवक्ता को भी आवश्यक निर्देशों के साथ उपस्थित रहने को कहा गया है।
हाईकोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल
माननीय न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट तौर पर पूछा है कि:
- सड़क किनारे बनी ड्रेनेज नाली में जल निकासी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
- याचिकाकर्ता द्वारा पूर्व में की गई शिकायतों पर प्रशासन और विभाग ने क्या कार्रवाई की?

लाखों की आबादी पर बाढ़ का खतरा, याचिका में गंभीर आरोप
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता मनुराज सिंह ने कोर्ट के सामने क्षेत्र की जमीनी हकीकत रखी। याचिका में बताया गया है कि:
- प्रभावित इलाके: गायत्री कॉलोनी, सिविल अस्पताल, इमली स्टैंड, बस स्टैंड, झालावाड़ नाका सहित खिलचीपुर के कई प्रमुख इलाकों का बरसाती और घरेलू गंदा पानी इसी नाली से होकर निकलता है।
- लापरवाही की हद: नाली निर्माण में बरती गई कथित अनियमितताओं के कारण पानी की सुचारू निकासी पूरी तरह ठप है। थोड़ी सी भी बारिश होने पर इन रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
- बाढ़ की आशंका: याचिका में अंदेशा जताया गया है कि यदि मानसून की भारी बारिश से पहले इस ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया गया, तो शहर के कई वार्डों में बाढ़ जैसे हालात बन जाएंगे, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाएगा।

अब 28 जुलाई पर टिकी नजरें: मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दिन दोनों अधिकारियों को कोर्ट के समक्ष अपनी अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। खिलचीपुर की जनता की नजरें अब सीधे हाईकोर्ट की इस सख्त कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





