रायसेन बनेगा देश का कृषि हब: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिया 3 दिवसीय राष्ट्रीय कृषि मेले की तैयारियों का जायजा

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"आस्था और विकास का संगम: रायसेन दौरे के दौरान मंदिर पहुँचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, क्षेत्र की खुशहाली के लिए की प्रार्थना"

रायसेन | drnewsindia.com मध्य प्रदेश के रायसेन में आगामी 11 से 13 अप्रैल तक खेती-किसानी का महाकुंभ लगने जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को रायसेन पहुंचकर इस भव्य ‘राष्ट्रीय कृषि मेला प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम’ की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया।

📍 तैयारियों का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर बैठक व्यवस्था, स्टॉल्स, तकनीकों के सजीव प्रदर्शन (Live Demo) और अलग-अलग सत्रों के लिए निर्धारित स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यवस्थाएं ऐसी हों जिससे दूर-दराज से आने वाले किसानों को कोई असुविधा न हो।


प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में हुई हाई-लेवल मीटिंग

निरीक्षण के दौरान प्रदेश के दिग्गज नेता और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनसे मंत्री जी ने विस्तृत चर्चा की:

  • मंत्रीगण: एदल सिंह कंषाना (कृषि मंत्री, MP), नारायण सिंह पंवार (राज्यमंत्री)।
  • जनप्रतिनिधि: डॉ. प्रभुराम चौधरी (विधायक, सांची), यशवंत मीणा (जिला पंचायत अध्यक्ष), राकेश शर्मा (भाजपा जिला अध्यक्ष)।
  • अधिकारी: संजय अग्रवाल (संयुक्त सचिव, भारत सरकार), अविनाश लावनिया (निदेशक, किसान कल्याण), निशांत बरबड़े (प्रमुख सचिव, MP कृषि विभाग), कुमार पुरुषोत्तम (MD, मंडी बोर्ड) और कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा।

🌟 मेले की 5 बड़ी बातें: क्या होगा खास?

  1. देशभर से भागीदारी: मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों से भी प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी कंपनियां शामिल होंगी।
  2. 200+ स्टॉल्स: मेले में 200 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जहां नई तकनीकों का सजीव प्रदर्शन होगा।
  3. बीज से बाजार तक की जानकारी: नकली खाद-बीज की पहचान, रोगों का उपचार, फसल सुरक्षा और प्रोसेसिंग (कच्चे माल से उत्पाद बनाना) की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  4. 10 एकड़ का विशाल परिसर: लगभग 10 एकड़ से अधिक क्षेत्र में उद्यानिकी, प्राकृतिक खेती, इंटीग्रेटेड फार्मिंग, पॉली हाउस और नेट हाउस के मॉडल दिखाए जाएंगे।
  5. आय बढ़ाने के मंत्र: परंपरागत खेती के अलावा फूलों, फलों, सब्जी, पशुपालन, बकरी पालन और मधुमक्खी पालन जैसे विषयों पर विशेष सत्र होंगे।

“किसानों को केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आय बढ़ाने के लिए उन्हें फल, फूल, प्राकृतिक खेती और पशुपालन अपनाना होगा। यह मेला ‘बीज से लेकर बाजार’ तक का रास्ता दिखाएगा।” > — शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री


कृषि को मिलेगी नई दिशा

भारत सरकार के संयुक्त सचिव संजय अग्रवाल और प्रमुख सचिव निशांत बरबड़े ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र के किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उनके लाभों के बारे में किसानों को उनकी रुचि के अनुसार अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

इस अवसर पर एसपी आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी सहित प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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