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भोपाल: राजधानी के पॉश इलाके पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पीछे बसी दशकों पुरानी झुग्गी बस्ती को हटाने की बड़ी कार्रवाई शनिवार सुबह से शुरू हो गई है। प्रशासन और नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद है। इस कार्रवाई को लेकर इलाके में भारी तनाव का माहौल है।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है।
- रास्ते बंद: पॉलिटेक्निक चौराहे से सीएम हाउस जाने वाले मार्ग पर सख्त बैरिकेडिंग की गई है।
- वॉटर कैनन तैनात: किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर वॉटर कैनन (वज्र वाहन) भी बुला लिए गए हैं।
- आवाजाही ठप: बैरिकेडिंग के कारण बाल भवन जाने वाले बच्चों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आधी रात को हाई वोल्टेज ड्रामा
कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार देर रात से ही सियासत गर्मा गई थी:
- धरना प्रदर्शन: पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी सहित कई कांग्रेस नेता रात में ही धरने पर बैठ गए।
- टावर पर चढ़ा युवक: कार्रवाई के विरोध में एक युवक टावर पर चढ़ गया, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत और समझाइश के बाद नीचे उतारा।
- तालाबंदी: कई रहवासी अपने घरों में ताला लगाकर चले गए थे, जिन्हें पुलिस अब पकड़कर लाई है ताकि उनके सामने ही ताले खोलकर सामान निकाला जा सके।
कहां शिफ्ट होंगे ये परिवार?
करीब 70 साल पुरानी इस बस्ती में रह रहे 27 परिवारों को यहां से हटाकर शहर के बाहरी इलाकों भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में शिफ्ट किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह विस्थापन योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जबकि रहवासियों का आरोप है कि बिना उचित व्यवस्था के उन्हें हटाया जा रहा है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
वार्ड 24 के कांग्रेस अध्यक्ष शोएब खान ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि यहां दशकों से आदिवासी समाज के लोग रह रहे हैं। उनके घरों में सामान रखा है और ताले लगे हैं, ऐसी स्थिति में कार्रवाई करना उनके अधिकारों का हनन है।
प्रशासनिक अमला मुस्तैद
अतिक्रमण हटाने की इस मुहिम में कुल 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस ने मीडियाकर्मियों और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए।





