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विदिशा: जिले के पथरिया थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। ग्राम राजाखेड़ी के एक दंपति ने थाना प्रभारी और आरक्षक पर मारपीट, अभद्रता और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरुवार को पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुँचकर न्याय की मांग की।
181 पर शिकायत करना पड़ा भारी?
पीड़ित बालाराम अहिरवार और उनकी पत्नी सुनीता अहिरवार के अनुसार, विवाद की जड़ एक पुरानी शिकायत है।
- शिकायत का मामला: दंपति ने गांव में हुए किसी विवाद को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर शिकायत दर्ज कराई थी।
- थाने में मारपीट का आरोप: पीड़ितों का दावा है कि इस शिकायत के बाद पुलिस उन्हें थाने लेकर आई। आरोप है कि वहाँ थाना प्रभारी ऋतुराज और एक आरक्षक ने बालाराम के साथ मारपीट की।

महिला से अभद्रता और धमकी के आरोप
सुनीता अहिरवार ने एसपी कार्यालय में दी गई अपनी शिकायत में बताया कि पुलिस का व्यवहार बेहद संवेदनहीन और डराने वाला था।
पीड़ित महिला का बयान: “पुलिस ने न केवल हमारे साथ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि मुझे भी धमकाया गया। हमें धमकी दी गई कि अगर हमने शिकायत वापस नहीं ली या चुप नहीं रहे, तो हमें किसी भी झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा।”

प्रशासनिक रुख: एसडीओपी करेंगे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रशांत चौबे ने पुष्टि की है कि उन्हें दंपति की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है।
- जांच का जिम्मा: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच एसडीओपी (SDOP) को सौंप दी गई है।
- आगे की कार्रवाई: एएसपी ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।





