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[अमलाहा, सीहोर | 24 मई 2026] सीहोर जिले के अमलाहा क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती ने स्थानीय लोगों का सब्र तोड़ दिया है। रविवार को अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने अमलाहा डीसी (विद्युत वितरण केंद्र) का घेराव किया और सड़क पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
अंधेरे में डूबा अमलाहा: जनजीवन प्रभावित
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो हफ्तों से रात के समय बिजली गुल रहने के कारण क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार इस कटौती का सबसे बुरा असर तीन स्तरों पर पड़ रहा है:
- विद्यार्थियों का भविष्य: रात में बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं की तैयारी बाधित हो रही है।
- किसानों पर दोहरी मार: रात के समय पानी न मिलने से खेतों में सिंचाई का काम ठप पड़ा है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं।
- व्यापार और आम जनमानस: स्थानीय छोटे व्यापारियों के काम पर असर पड़ रहा है और अंधेरे के कारण सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।

विभाग के खिलाफ नारेबाजी और ज्ञापन
आक्रोशित ग्रामीणों ने अमलाहा डीसी कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा, जिसमें तत्काल प्रभाव से रात्रिकालीन बिजली कटौती को बंद करने और आपूर्ति बहाल करने की मांग की गई है।

प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अब और देरी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
“अगर आगामी 72 घंटों के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो हम सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसके बाद होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार होगा।” — स्थानीय ग्रामीण, प्रदर्शनकारी
क्या कदम उठाएगा विभाग?
ग्रामीणों के चक्का जाम के बाद मौके पर अधिकारियों ने चर्चा का आश्वासन दिया है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन 72 घंटों की समय-सीमा में समस्या का समाधान निकाल पाता है या आंदोलन और विकराल रूप लेगा।



