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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ प्रेस एन्क्लेव रोड पर स्थित ‘फ्लरिश स्टे’ (Flurish Stay) होटल में सुबह के वक्त अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 11 विदेशी नागरिक शामिल हैं। हादसे में कुल 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 19 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
तस्वीरें और वीडियो इतने खौफनाक हैं कि कुछ लोग जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से नीचे कूदते नजर आए, जिन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाए थे।
रेस्टोरेंट से शुरू हुई आग, 6 मंजिलों तक फैला धुआं
दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, आग सुबह करीब 8:50 बजे होटल के ग्राउंड फ्लोर पर बने ‘बी-एन-बी रेस्टोरेंट’ में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ऊपरी मंजिलों व बेसमेंट तक पहुंच गई। चूंकि पास में ही मैक्स और एम्स (AIIMS) जैसे बड़े अस्पताल हैं, इसलिए इन अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजन अक्सर इस होटल में रुका करते थे।

मरने वालों में 11 विदेशी और एक ही भारतीय परिवार के 8 लोग
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, मृतकों का आंकड़ा लगातार बदल रहा है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक:
- विदेशी नागरिक (11 मौतें): इनमें 9 अफ्रीकी और 2 तुर्कमेनिस्तान के नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा घायलों में 5 बांग्लादेशी नागरिक भी हैं।
- भारतीय नागरिक (10 मौतें): इनमें से 8 लोग आपस में रिश्तेदार थे, जिनमें 3 राजस्थान और 5 हरियाणा के रहने वाले थे।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रहा था मौत का खेल!
जांच में सामने आया है कि होटल प्रशासन चंद पैसों के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था:
- फायर NOC नहीं थी: चीफ फायर ऑफिसर अभिलाष मलिक ने पुष्टि की है कि बिल्डिंग के पास फायर क्लीयरेंस (NOC) नहीं थी।
- 6 कमरों की परमिशन, बना दिए 25: इस गेस्टहाउस को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ कॉन्सेप्ट के तहत सिर्फ 6 कमरे चलाने की अनुमति थी, लेकिन मालिक ने अवैध रूप से 25 कमरे तान दिए थे।
- एक ही संकरा रास्ता: होटल और बेसमेंट में आने-जाने के लिए महज एक ही संकरा रास्ता था, जिससे आग लगने के बाद भगदड़ मच गई और लोग अंदर ही फंस गए।

अस्पतालों का अपडेट: कई लोग वेंटिलेटर पर
हादसे के बाद साकेत के मैक्स अस्पताल में 39 लोगों को लाया गया था, जिनमें से 18 को मृत घोषित किया गया। फिलहाल 15 लोग आईसीयू (ICU) में हैं, जिनमें से 8 वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। वहीं, एम्स (AIIMS) में 13 लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ लोग ऊंचाई से कूदने के कारण फ्रैक्चर का शिकार हुए हैं।
मालिक और पत्नी फरार, लुकआउट नोटिस जारी
हादसे के बाद से ही होटल मालिक लवकेश बजाज और उसकी पत्नी मौके से फरार हैं। दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है ताकि वे देश छोड़कर विदेश न भाग सकें। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
राजनीतिक हलचल और एक्शन:
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर: उन्होंने X पर पोस्ट कर दुख जताया और कहा कि सरकार मृत विदेशी नागरिकों के दूतावासों के लगातार संपर्क में है और हर संभव मदद दी जा रही है।
- एलजी (LG) का बड़ा आदेश: दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस घटना के बाद हाई-लेवल मीटिंग बुलाई और निर्देश दिए कि जहां भी फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं हो रहा है, उन्हें तुरंत सील किया जाए। अब कोचिंग सेंटर्स, होटल्स और नर्सिंग होम्स की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा।
- मजिस्ट्रेट जांच: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और पूरी घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांबाज नागरिकों और पुलिसकर्मियों को सलाम: स्थानीय बीजेपी नेता सतीश उपाध्याय ने उन बहादुरों की तारीफ की जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर लोगों को रेस्क्यू किया। स्थानीय युवक अफजल, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद अनीश, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद वसीम ने लोगों को मलबे से निकाला और CPR दिया। वहीं, पांच पुलिसकर्मियों (हेड कांस्टेबल दिनेश, करतार सिंह, देशराज, अजय और मीना) ने भी अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।





