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Political & Parliament Desk (19 जुलाई 2026): संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले रविवार को संसद भवन की एनेक्सी बिल्डिंग में एक अहम सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में करीब 3 घंटे चली इस बैठक में कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके सहित 40 राजनीतिक दलों के 58 वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
हालांकि, यह बैठक पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रही। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को बैठक में आमंत्रित किए जाने के विरोध में समूचे विपक्ष ने एकजुट होकर बैठक से सांकेतिक वॉकआउट (बहिष्कार) कर दिया।
📌 संसद मानसून सत्र बुलेटिन: मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 📅 सत्र का शेड्यूल: मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें होंगी।
- 🚪 विपक्ष का वॉकआउट: गैर-मान्यता प्राप्त दल (NCPI) के बागी सांसदों को न्योता देने पर भड़की महुआ मोइत्रा, पूरे विपक्ष ने बीच में छोड़ी बैठक।
- ⚖️ वंदे मातरम बिल: सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा अहम विधेयक पेश करेंगे।
- 📈 बदला संख्या बल: टीएमसी और उद्धव गुट में बगावत के बाद संसद के दोनों सदनों में मोदी सरकार दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंची।

🗣️ महुआ मोइत्रा का तीखा सवाल: ‘संशोधन के बाद बागी सांसदों की गुंजाइश कहाँ?’
सर्वदलीय बैठक के दौरान टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी गुट की मौजूदगी पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई:
अयोग्यता याचिकाएं लंबित: महुआ मोइत्रा ने कहा कि टेबल ऑफिस की आधिकारिक सूची में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सदस्य संख्या अभी भी 28 दिखाई गई है। एनसीपीआई (NCPI) नाम की गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी में 20 बागी सांसदों के विलय को लोकसभा स्पीकर ने अभी अंतिम मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता से जुड़ी याचिकाएं विचाराधीन हैं।
विपक्ष का एकजुट स्टैंड: महुआ ने सवाल उठाया कि 91वें संविधान संशोधन के बाद जब किसी अलग गुट की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती, तो संसदीय कार्य मंत्री ने इन बागी सांसदों को किस आधार पर आमंत्रित किया? इसी के विरोध में कांग्रेस, सपा, आप, वामपंथी दलों और शिवसेना (UBT) समेत पूरे विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
💬 सरकार का जवाब: ‘सदन सबका है’
विपक्ष के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि इन 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को नए दल के रूप में मान्यता और अलग बैठने के लिए लिखित आवेदन दिया है। जब मामला स्पीकर के पास लंबित है और सांसदों का एक बड़ा समूह मौजूद है, तो उन्हें चर्चा से बाहर नहीं रखा जा सकता। सदन सबका है और आम सहमति बनाने के लिए सभी को आमंत्रित करना सरकार का दायित्व है।
⏰ लोकसभा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक: बिलों के लिए समय तय
ऑल पार्टी मीटिंग के तुरंत बाद लोकसभा BAC की बैठक संपन्न हुई, जिसमें आगामी सत्र में पेश होने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई:
| विधेयक/बिल का नाम | चर्चा के लिए आवंटित समय |
| 💼 MSME बिल | 5 घंटे |
| 🪪 FCRA संशोधन बिल | 4 घंटे |
| 💰 आयकर संशोधन बिल | 4 घंटे |
| ⚖️ जजों की संख्या से जुड़ा बिल | 4 घंटे |
| 📑 जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन बिल | 4 घंटे |
| 🇮🇳 वंदेमातरम से जुड़ा बिल | 4 घंटे |
नोट: राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक सोमवार दोपहर 1:00 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी सामने आया जब बैठक से निकलते समय एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।

🪑 TMC और उद्धव गुट के बागियों को मिलीं सीटें, बदला संसद का नक्शा
- NCPI को अलॉट हुआ सीट नंबर: ममता बनर्जी का साथ छोड़कर नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय करने वाले 20 बागी सांसदों को शनिवार को अलग बैठने की मंजूरी मिली थी। रविवार को स्पीकर ओम बिरला ने बागी नेता सुदीप बंदोपाध्याय के अनुरोध पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सीट नंबर 280 की जगह डिवीजन/सीट नंबर 354 आवंटित कर दिया।
- शिंदे गुट का बढ़ा कुनबा: लोकसभा अध्यक्ष ने उद्धव ठाकरे गुट को छोड़कर 22 जून को एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले 6 सांसदों को भी अलग बैठने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है।
📊 संसद का नया अंकगणित: दो-तिहाई बहुमत के कितने करीब एनडीए?
संविधान संशोधन विधेयकों (जैसे महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक) को पारित कराने के लिए सरकार को दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता है। पिछले कुछ महीनों में विपक्ष की 4 पार्टियों के 37 सांसदों के पाला बदलने के बाद सरकार की स्थिति काफी मजबूत हुई है:

🏛️ लोकसभा का समीकरण (कुल सीटें: 543 | वर्तमान प्रभावी संख्या: 540)
(3 सीटें- नागांव, बसीरहाट और शिलॉन्ग फिलहाल खाली हैं)
- 2024 चुनाव के बाद NDA: 292 सीटें (BJP: 240, TDP: 16, JDU: 12, शिंदे गुट: 7, LJP: 5, अन्य: 13)।
- बदलाव 1 (14 जून 2026): TMC के 20 सांसद एनडीए समर्थित NCPI में शामिल हुए $\rightarrow$ आंकड़ा पहुंचा 312।
- बदलाव 2 (जून 2026): उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में आए $\rightarrow$ एनडीए का कुल आंकड़ा पहुंचा 318।
- दो-तिहाई का लक्ष्य: 540 के सदन में दो-तिहाई के लिए 360 वोट चाहिए। एनडीए अभी इस जादुई आंकड़े से 42 वोट पीछे है।
🏛️ राज्यसभा का समीकरण (कुल सीटें: 245)
- जून 2026 तक NDA: 149 सांसद (सामान्य बहुमत से 27 सीटें ज्यादा)।
- बदलाव 1 (9 जुलाई 2026): TMC के 3 राज्यसभा सांसद (सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बरैक) बीजेपी में शामिल हुए और 17 जुलाई को निर्विरोध चुने गए $\rightarrow$ एनडीए का आंकड़ा पहुंचा 152।
- संभावना: टीएमसी सांसद कोयल मलिक के इस्तीफे के बाद उनके भी बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हैं।
- दो-तिहाई का लक्ष्य: राज्यसभा में दो-तिहाई के लिए 163 का आंकड़ा जरूरी है। एनडीए अब इस लक्ष्य से महज 11 वोट पीछे है।




