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भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद सख्त और गंभीर नजर आ रहे हैं। शनिवार को समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बुलाई गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) बैठक में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों की कार्यशैली पर एक बड़ा बयान दिया है। सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे वीसी बैठकों के दौरान हर जिले के कलेक्टर को बारीकी से ऑब्जर्व (निरीक्षण) कर रहे हैं कि कौन सा अधिकारी चर्चा में सक्रिय रहता है और कौन चुप्पी साधे रहता है।
मुख्यमंत्री निवास से हुई इस अहम बैठक के दौरान सीएम स्वयं पेन-डायरी लेकर अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे महत्वपूर्ण पॉइंट्स और जानकारियों को नोट करते नजर आए।
जुलाई में होगी ‘कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस’; तय होगी जिलों की रैंकिंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि आगामी जुलाई 2026 में राजधानी भोपाल में एक बड़ी ‘कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस’ आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीखें जल्द घोषित होंगी।
- कामकाज की समीक्षा: इस फिजिकल कॉन्फ्रेंस में सभी जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों (SPs) के कामकाज का पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा।
- जिलों की रैंकिंग: सरकार की प्राथमिकताओं और विकास कार्यों के आधार पर सभी जिलों की रैंकिंग तय की जाएगी।
- कानून-व्यवस्था: प्रदेश की कानून-व्यवस्था इस आगामी बैठक का मुख्य एजेंडा रहेगी।

सीएम की बड़ी बात:
“मैं लगातार ऑब्जर्व कर रहा हूं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में होने वाली बैठकों में कौन-कौन से कलेक्टर बोलते हैं और कौन शांत रहते हैं। अधिकांश कलेक्टर शांत ही रहते हैं। अधिकारियों को आवश्यक मुद्दों पर अपनी बात सक्रियता से रखनी चाहिए।”
इन जिलों के कलेक्टर्स रहते हैं एक्टिव, बाकी साधे रहते हैं चुप्पी
प्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अमूमन इंदौर, जबलपुर, सीधी, गुना, डिंडोरी और खंडवा के कलेक्टर्स चर्चा और सवाल-जवाब में सबसे ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाते हैं, जबकि अधिकांश जिलों के अधिकारी शांत बैठते हैं। मुख्यमंत्री ने अब सभी को खुलकर अपनी बात रखने और फील्ड की सही रिपोर्ट देने के लिए प्रेरित किया है।

UCC को लेकर 55 में से 36 जिलों में बैठकें पूरी
मुख्य सचिव अनुराग जैन और मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यूसीसी (UCC) की तैयारियों की समीक्षा की गई।
- बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश के 55 में से 36 जिलों में समान नागरिक संहिता को लेकर जिला स्तरीय बैठकें पूरी हो चुकी हैं, शेष जिलों में भी काम तेजी से जारी है।
- आम जनता और सरकारी कर्मचारी सरकार द्वारा जारी लिंक पर जाकर 12 आसान सवालों के जवाब देकर 22 जून तक अपना सुझाव दर्ज करा सकते हैं।

मानसून, नीट (NEET) परीक्षा और 15 अगस्त को लेकर कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिर्फ यूसीसी ही नहीं, बल्कि आगामी चुनौतियों को लेकर भी कलेक्टर्स को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है:
- मानसून की तैयारियां: सभी नगरीय निकायों में नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था समय रहते दुरुस्त की जाए ताकि जलभराव की स्थिति न बने।
- नीट (NEET) परीक्षा: 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों को लेकर सीएम ने कहा कि इसकी व्यवस्थाएं यूपीएससी (UPSC) परीक्षा से भी अधिक सतर्कता और पारदर्शिता के साथ की जाएं।
- स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त): इस बार जिला स्तर पर होने वाले मुख्य कार्यक्रमों में जिलों के प्रभारी मंत्री अपने संबोधन में जिले की विकास उपलब्धियों का पूरा ब्यौरा रखेंगे। इसके आधार पर हर जिले की ‘विकास पुस्तिका’ तैयार की जाएगी, जिसका काम अभी से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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