MP Weather Update: प्री-मानसून की आंधी-बारिश से कांपा मध्य प्रदेश, 70km/h की रफ्तार से चली हवाएं; जानें कब आएगा मानसून

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drnewsindia.com

भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शनिवार को राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार मानसून अपने तय समय से 3 से 4 दिन की देरी से चल रहा है, जिसके अब 18 जून तक मध्य प्रदेश में एंट्री करने की संभावना है।

तब तक पूरे प्रदेश में इसी तरह की प्री-मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

आज इन जिलों में ‘ऑरेंज और येलो अलर्ट’, यहाँ होगी बारिश

मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, राज्य में एक साथ कई वेदर सिस्टम (ट्रफ लाइन) एक्टिव हैं, जिसकी वजह से अगले 4 दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा:

  • ऑरेंज अलर्ट (तेज आंधी-तूफान): रविवार को शिवपुरी और अशोकनगर में तेज आंधी और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
  • यहाँ होगी बारिश (येलो अलर्ट): ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।
  • गर्मी का असर: आंधी-बारिश के बीच इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार, खरगोन और खंडवा समेत मालवा-निमाड़ के इलाकों में तेज गर्मी का असर भी बना रहेगा।

शनिवार की तबाही: इटारसी में एम्बुलेंस पर गिरा पेड़, बिजली लाइनें टूटीं

शनिवार को अचानक बदले मौसम ने कई जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया। भोपाल, सीहोर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम में जमकर बारिश हुई।

  • इटारसी में भारी नुकसान: तेज हवाओं के कारण सड़कों पर पेड़ धराशायी हो गए। यहाँ एक पेड़ सीधे एम्बुलेंस पर जा गिरा। इसके अलावा बिजली के खंभे टूटने से कई इलाकों की बत्ती गुल रही और एक स्थानीय मेले का मुख्य गेट भी उखड़ गया।
  • तापमान का हाल: राजगढ़ 41 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जबकि सबसे कम तापमान शिवपुरी में 33 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 39.1 डिग्री और इंदौर में 38.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

MP के 5 बड़े शहरों में जून का ऐतिहासिक ट्रेंड

शहरजून का मौसम ट्रेंड और रिकॉर्ड्स
भोपाल15 जून तक तेज गर्मी का ट्रेंड रहता है। साल 2020 में यहाँ जून के महीने में रिकॉर्ड 16 इंच बारिश हुई थी, जबकि पिछले साल (2024) में 10.9 इंच पानी गिरा था।
इंदौरपिछले कुछ सालों से जून में कम गर्मी पड़ रही है। इंदौर में जून के कोटे की 20% बारिश हो जाती है। यहाँ 1980 में जून के दौरान रिकॉर्ड 17 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।
ग्वालियरमई की तरह जून में भी यहाँ भीषण गर्मी पड़ती है। साल 2019 में यहाँ का पारा 47.8 डिग्री तक जा चुका है। वहीं 1952 में पूरे जून महीने में रिकॉर्ड 28.5 इंच बारिश हुई थी।
जबलपुरमध्य प्रदेश में मानसून अक्सर जबलपुर संभाग के रास्ते ही प्रवेश करता है। यहाँ जून में भारी बारिश होती है। साल 1998 में यहाँ पूरे महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
उज्जैनजून में उज्जैन में भी अच्छी बारिश का ट्रेंड है। पिछले सालों में यहाँ 2.5 से 8 इंच तक पानी गिरा है। 15 जून 2001 को यहाँ 24 घंटे में रिकॉर्ड 6.5 इंच बारिश हुई थी।

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