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बिलकिसगंज (सीहोर)। सीहोर जिले के बिलकिसगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरखेड़ी विद्युत केंद्र से जुड़े लगभग 25 गांवों के ग्रामीण इन दिनों भीषण बिजली कटौती और अव्यवस्थाओं से त्रस्त हैं। क्षेत्र में आंधी-तूफान आते ही घंटों के लिए बिजली गुल हो जाना अब आम बात हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय फाल्ट होने पर बिजली विभाग सोया रहता है और सुधार कार्य में घंटों की देरी की जाती है, जिससे इस उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
अव्यवस्थाओं से नाराज ग्रामीणों और किसानों ने किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में बिलकिसगंज रोड स्थित नई चंदेरी में विद्युत ट्रांसफार्मर के पास एकत्रित होकर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध-प्रदर्शन किया।
7 घंटे तक अंधेरे में रहे कई गांव, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की मदद
हाल ही में रात के समय आए आंधी-तूफान के कारण चंदेरी, नई चंदेरी, पिपलिया, ताकीपुर, शेरपुर, भगवानपुर, बड़नगर, आलमपुरा और बरखेड़ी सहित दर्जनों गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि रात 8 बजे लाइन में बड़ा फाल्ट हुआ था, जिसकी सूचना तुरंत विभाग को दी गई। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि इस फाल्ट को सुधारने में 7 घंटे से अधिक का समय लग गया। आखिरकार रात को लगभग 3 बजे सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से जैसे-तैसे सुधार कार्य पूरा हो सका और बिजली सप्लाई बहाल हुई।

बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: क्यों जूझ रहे हैं ग्रामीण?
- स्टाफ और संसाधनों का टोटा: ग्रामीणों के अनुसार, इतने बड़े क्षेत्र (25 गांवों) की जिम्मेदारी होने के बावजूद रात की ड्यूटी पर केवल 1 या 2 लाइनमैन ही उपलब्ध रहते हैं। आंधी-तूफान के दौरान जब एक साथ कई जगहों पर फाल्ट होते हैं, तो सीमित स्टाफ के कारण समय पर काम होना नामुमकिन हो जाता है।
- अधिकारियों की बेरुखी (नहीं उठते फोन): किसानों और ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि संकट के समय जब वे बिजली दफ्तर या जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाते हैं, तो अक्सर अधिकारी फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझते। इससे समस्या के समाधान में और भी ज्यादा देरी होती है।
- गर्मी और उमस की दोहरी मार: इस भीषण गर्मी के मौसम में रात-रात भर बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने की यह प्रमुख मांगें:
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता एमएस मेवाड़ा और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि:
- बरखेड़ी सब स्टेशन क्षेत्र में लाइनमैनों (तकनीकी स्टाफ) की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए।
- आंधी-तूफान या आपातकालीन स्थिति के लिए रात के समय अतिरिक्त लाइन स्टाफ और पिकअप वाहन की व्यवस्था की जाए।
- ड्यूटी के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की मौके पर उपलब्धता सुनिश्चित हो, ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया और स्टाफ की कमी को दूर नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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