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भोपाल: राजधानी में नशीले कफ सिरप के काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अवैध कफ सिरप फैक्ट्री का कथित मास्टरमाइंड राहुल कुशवाह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। गांधी नगर स्थित फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद से ही राहुल फरार चल रहा था, जिसे एसटीएफ ने केरल के त्रिवेंद्रम से दबोचा है।
आरोपी पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था। एसटीएफ उसे ट्रांजिट वारंट पर भोपाल लेकर आई है, जहां कोर्ट ने उसे 27 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
‘सलमान’ बनकर चला रहा था नेटवर्क, हर 12 घंटे में बदलता था ठिकाना
डीआईजी एसटीएफ राहुल लोढ़ा ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि राहुल बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था:
- फर्जी नाम: फैक्ट्री में अपनी असली पहचान छिपाने के लिए वह ‘सलमान’ नाम का इस्तेमाल करता था। वहां काम करने वाला पूरा स्टाफ उसे इसी नाम से जानता था।
- डिजिटल लुका-छिपी: पुलिस लोकेशन से बचने के लिए वह सिर्फ हर 12 घंटे में एक बार अपना मोबाइल चालू करता था और जैसे ही लोकेशन ट्रेस होने का डर होता, वह ठिकाना बदल लेता था।
- 4500 किमी का सफर और मुंडन: गिरफ्तारी से बचने के लिए वह दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कन्याकुमारी से लेकर त्रिवेंद्रम तक करीब 4500 किलोमीटर घूमता रहा। उसने अपनी पहचान छुपाने के लिए सिर के बाल भी मुंडवा लिए थे।
मास्टरमाइंड का पहला सवाल: जब एसटीएफ ने उसे त्रिवेंद्रम में घेरा, तो राहुल के मुंह से पहला सवाल यही निकला— “आखिर आपने मुझे पकड़ा कैसे?”

73 हजार से ज्यादा कफ सिरप की शीशियों का साम्राज्य
एसपी एसटीएफ राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के तार बेहद गहरे जुड़े हैं। पुलिस ने अब तक दो बड़ी कार्रवाइयों में भारी मात्रा में नशीला सिरप जब्त किया है:
| लोकेशन | कफ सिरप का नाम | जब्त शीशियां (मात्रा) |
| गांधी नगर | ऑनरेक्स (Onorex) | 49,920 शीशियां |
| मुबारकपुर | ऑफ-कफ (Off-Cuff) व ऑनरेक्स | 23,125 शीशियां |
| कुल जब्ती | दोनों लोकेशंस | 73,045 शीशियां (करीब 7,305 लीटर) |
डमी फर्मों से विंध्य-महाकौशल तक नेटवर्क:
जांच में सामने आया है कि राहुल इस पूरे रैकेट का मुख्य संचालक था। वह डमी (फर्जी) मेडिकल फर्मों के नाम पर यह अवैध कारोबार कर रहा था। इस नशीले सिरप की सप्लाई भोपाल से लेकर विंध्य और महाकौशल के इलाकों तक फैली हुई थी। पुलिस रिमांड के दौरान अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और सप्लायर्स के नामों का खुलासा होने की उम्मीद है।





