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भोपाल डेस्क: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट (मंत्रि-परिषद) की बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और किसानों के हित में कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने कुल 5,960 करोड़ रुपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी है।
बैठक में लिए गए निर्णयों से समाज के हर वर्ग, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, जरूरतमंद बेटियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
### 1. महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 5 साल का विस्तार
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए कैबिनेट ने एक बेहद संवेदनशील निर्णय लिया है:
- योजना की निरंतरता: मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी (विधवा) विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने की मंजूरी दी गई है।
- बजट की स्वीकृति: इसके लिए सरकार ने 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया है।
- कितनी मिलती है मदद: इस योजना के तहत गरीब, निराश्रित और निर्धन परिवारों की बेटियों/कल्याणी/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह के लिए 55 हजार रुपये प्रति कन्या के मान से आर्थिक सहायता दी जाती है।
- बड़ा लाभ: योजना के जरिए विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित होती है और गरीब अभिभावकों को आर्थिक संबल मिलता है।

### 2. शिक्षा में बड़ा सुधार: 525 स्कूल होंगे अपग्रेड, ड्रॉप आउट रेट घटेगा
प्रदेश में स्कूली शिक्षा की पहुँच बढ़ाने और ड्रॉप आउट (पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले) दर को कम करने के लिए सरकार ने 635 करोड़ 24 लाख रुपये के बजट के साथ 525 शासकीय स्कूलों के उन्नयन (Upgrade) को सैद्धांतिक स्वीकृति दी है:
- स्कूलों का गणित: राज्य की 225 शासकीय माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल में और 300 हाई स्कूल को हायर सेकेण्डरी स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा।
- चरणबद्ध तरीके से काम: वर्ष 2026-27 में पहले चरण में 75 माध्यमिक शालाओं और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन होगा। इसके बाद आगामी दो वर्षों (2027-28 और 2028-29) में भी इसी रफ्तार से स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा।
- लक्ष्य: ‘विकसित मध्यप्रदेश@2047’ के तहत वर्ष 2029 तक 100% सकल नामांकन दर (GER) प्राप्त करने का लक्ष्य है। वर्तमान में हाई स्कूल स्तर पर यह दर 75% और हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55% है। स्कूल दूर होने के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़ देते थे, जिसे अब रोका जा सकेगा।
- विशेष नोट: सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया (प्रभाव क्षेत्र) में आने वाले स्कूलों का उन्नयन नहीं किया जाएगा, बल्कि वहां के बच्चों का प्रवेश सांदीपनि स्कूलों में कराया जाएगा।
### 3. किसानों के लिए बड़ी राहत: ‘शून्य प्रतिशत’ ब्याज दर पर फसल ऋण की नई शर्तें
किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण (Short Term Crop Loan) देने की योजना को नई और आसान शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है:
- एकल ऋण सीमा (Single Loan Limit): अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथि (Due Date) नहीं होगी। इसके स्थान पर एक ‘वार्षिक एकल ऋण सीमा’ तय होगी, जिसमें नगद और वस्तु ऋण की उप-सीमा रहेगी।
- 12 महीने का समय: देय तिथि अब किसान द्वारा पहली बार लोन निकालने (आहरण) से 12 महीने की निर्धारित की जाएगी।
- ब्याज अनुदान (Subsidy): समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 1.25% सामान्य ब्याज अनुदान और 4% अतिरिक्त प्रोत्साहन अनुदान (कुल 5.25% ब्याज सब्सिडी) राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी, जिससे किसानों को ₹3 लाख तक का लोन 0% ब्याज पर मिलेगा।

### 4. शुजालपुर (शाजापुर) में खुलेगा नया शासकीय विधि (Law) महाविद्यालय
मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा पर अमल करते हुए कैबिनेट ने सत्र 2026-27 से शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय (Government Law College) प्रारंभ करने की स्वीकृति दे दी है।
- क्यों लिया गया फैसला: बार काउंसिल ऑफ इंडिया के ‘लीगल एजुकेशन रूल्स-2008’ के अनुसार, विधि पाठ्यक्रमों को किसी कॉलेज के संकाय के बजाय एक स्वतंत्र महाविद्यालय के रूप में संचालित करना अनिवार्य है।
- बजट और पद: इस कॉलेज के लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 और अशैक्षणिक वर्ग के 8 (कुल 17 पद) सृजित किए गए हैं और 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
### 5. राशन वितरण प्रणाली (PDS) के लिए ₹3,580 करोड़ मंजूर
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Targeted PDS) के सुचारू संचालन के लिए कैबिनेट ने बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है:
- समय सीमा: 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक राशन के परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए योजना को निरंतर रखने की मंजूरी दी गई है।
- इसके लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की भारी राशि स्वीकृत की गई है, ताकि गरीबों तक राशन बिना किसी बाधा के पहुँच सके।

### अन्य महत्वपूर्ण फैसला: जनजातीय क्षेत्रों का विद्युतीकरण
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी अंचलों में बिजली पहुँचाने के कार्य को गति दी गई है। भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले केन्द्रांश पर जो एसजीएसटी (SGST) की राशि बनेगी, उसे राज्य सरकार अपनी तरफ से बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को अंश पूँजी के रूप में देगी, जिससे जनजातीय क्षेत्रों में बिजली का काम तेजी से पूरा हो सके।




