इंदौर ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़: सोशल मीडिया कॉलिंग से चलता था नेटवर्क, मोबाइल से सारे नंबर गायब; 19 लाख कैश और कारतूस के साथ चेतन नाथ रिमांड पर

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"इंदौर पुलिस का बड़ा एक्शन: ड्रग्स सप्लायर चेतन नाथ गिरफ्तार, मोबाइल से सारे नंबर गायब; 19 लाख कैश और कारतूस जब्त!"

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इंदौर (क्राइम डेस्क)। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। द्वारकापुरी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए कुख्यात नशा सप्लायर चेतन नाथ को अदालत ने 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस कस्टडी में हुई शुरुआती पूछताछ में इस ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े कई चौंकाने वाले और अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर तरीके से ड्रग्स सिंडिकेट चला रहा था।

📱 शातिर दिमाग: मोबाइल से सारे कॉन्टैक्ट गायब, सोशल मीडिया से होती थी डीलिंग

पुलिस जब आरोपी चेतन नाथ के मोबाइल को खंगाल रही थी, तो उसके होश उड़ गए। शातिर आरोपी के फोन में एक भी कॉन्टैक्ट नंबर सेव नहीं मिला:

  • हाईटेक पैंतरा: पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ड्रग्स की खरीद-फरोख्त, माल मंगाने और उसकी सप्लाई चेन को ऑपरेट करने के लिए सामान्य फोन कॉल के बजाय केवल सोशल मीडिया कॉलिंग का इस्तेमाल करता था।
  • नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस: डिजिटल फुटप्रिंट्स को मिटाने की इस साजिश के बाद अब पुलिस साइबर सेल की मदद से उसके फरार साथियों और पूरे ड्रग्स नेटवर्क को डिकोड करने में जुट गई है।

🔫 19 लाख कैश, नोट गिनने की मशीन और जिंदा कारतूस बरामद

द्वारकापुरी थाना प्रभारी (TI) मनीष मिश्र ने बताया कि आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ और अन्य संदिग्ध सामग्रियां जब्त की गई हैं:

  • क्राइम फैक्ट फाइल (Seizure Details):
    • नकद राशि: ₹19 लाख कैश और साथ में नोट गिनने की मशीन
    • अवैध ड्रग्स: 270 ग्राम कीमती ब्राउन शुगर और 8 किलोग्राम गांजा।
    • असला: पिस्टल के 22 जिंदा कारतूस (राउंड)।

जमानत का अजीब दावा: आरोपी चेतन नाथ ने पुलिस के सामने दावा किया है कि बरामद किए गए 19 लाख रुपए वह जेल में बंद अपने एक साथी की जमानत कराने के लिए इकट्ठा कर रहा था। हालांकि, टीआई मनीष मिश्र के मुताबिक पुलिस इस दावे को संदिग्ध मान रही है। आशंका यही है कि यह मोटी रकम पूरी तरह से नशे के काले कारोबार से ही जुटाई गई थी।

🚔 पुलिस को देख भागा साथी; जेल में बनी थी जोड़ी

पुलिस की इस रेड के दौरान एक और फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। जब पुलिस टीम चेतन नाथ को दबोचने उसके ठिकाने पर पहुंची, तो वहां उसका एक और मुख्य साथी मौजूद था, जो पुलिस की भनक लगते ही चकमा देकर मौके से फरार हो गया। पूछताछ में पता चला है कि चेतन नाथ और फरार आरोपी पहले भी एक साथ जेल की हवा खा चुके हैं और वहीं से दोनों ने इस सिंडिकेट को बड़ा रूप दिया। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

🔗 ‘लकी नाथ’ की गिरफ्तारी से खुला राज (Back Tracking)

इंदौर पुलिस को यह बड़ी कामयाबी अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे एक कमान से जुड़ी कड़ियां हैं। पुलिस ने पिछले दिनों लकी नाथ नाम के एक अन्य आरोपी को ब्राउन शुगर के साथ दबोचा था। लकी नाथ से हुई कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने ‘बैक ट्रैकिंग’ (कड़ियों को पीछे से जोड़ना) शुरू की, जिसके बाद पुलिस का शिकंजा सीधे इस नेटवर्क के बड़े मोहरे चेतन नाथ तक जा पहुंचा। अब रिमांड के दौरान इस गिरोह के अन्य सफेदपोश मददगारों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

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