MP मंत्रालय से बड़ी खबर: सीएम ने 9 दिन में हुए प्रमोशनों का मांगा विभागवार ब्यौरा; सीनियर अफसरों की ‘वसूली’ और मनमानी की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय एक्टिव

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drnewsindia.com

State Bureau Desk (08 July 2026): मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ने ‘लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ के अंतर्गत पिछले नौ दिनों के भीतर की गई विभाग वार प्रमोशन (Promotion) की कार्यवाही का पूरा ब्यौरा तलब किया है। सीएम के इस कड़े रुख के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने प्रदेश के सभी विभागों को आज शाम तक ही विभागवार और पदवार पदोन्नति का पूरा विवरण सचिवालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक लिंक पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री खुद बहुत जल्द इन आंकड़ों की आमने-सामने समीक्षा (Review) करने वाले हैं। इससे पहले कैबिनेट बैठक में ही सीएम ने मंत्रियों और आला अधिकारियों को दोटूक कह दिया है कि सभी विभागों में नियमबद्ध पदोन्नति होनी चाहिए और समाज के सभी वर्गों को इसका समान रूप से लाभ मिलना चाहिए।

📌 इस बड़े प्रशासनिक फैसले की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • आज शाम की डेडलाइन: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिवों (PS) को आज ही डाटा अपलोड करने का अल्टीमेटम दिया है।
  • 🔗 डिजिटल ट्रैकिंग: विभागों को अब तक की गई पदोन्नतियों की सटीक जानकारी निर्धारित ऑनलाइन लिंक https://tinyurl.com/promotiondetail पर तत्काल दर्ज करनी होगी।
  • अफसरों की मनमानी पर रोक: कुछ विभागों द्वारा जानबूझकर पदोन्नति रोकने और कर्मचारियों को परेशान करने की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंची थी।
  • ⚖️ सभी वर्गों को लाभ: सीएम ने साफ किया है कि पदोन्नति के मामले में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

GAD ने जारी किया कड़ा पत्र; ACS और प्रमुख सचिवों की तय होगी जवाबदेही

मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक के ठीक बाद मुख्यमंत्री द्वारा मांगी गई इस संवेदनशील जानकारी के उपरांत सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) तुरंत एक्शन मोड में आ गया। विभाग ने बिना समय गंवाए शासन के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के आईएएस (IAS) अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल विवरण देने को कहा है।

आदेश के मुताबिक, यदि किसी विभाग का डाटा आज तय समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपलोड नहीं होता है, तो संबंधित विभाग के मुखिया (सचिव स्तर के अधिकारी) को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।

🛑 सीनियर अफसरों की ‘वसूली’ और ‘शिकायत’ के खेल का हुआ भंडाफोड़!

दरअसल, इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अचानक एक्टिव होने के पीछे एक बड़ा प्रशासनिक लूपहोल और शिकायतें सामने आई हैं:

शिकायत की इनसाइड स्टोरी: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कई सरकारी विभागों में सालों से पदोन्नति की बाट जोह रहे अफसरों और छोटे कर्मचारियों से ‘वसूली’ करने का एक नया खेल चल रहा था। सीनियर अफसर प्रमोशन की फाइल दबाकर मातहत कर्मचारियों से यह कह रहे थे कि— “आपके खिलाफ शिकायत आई है, इसलिए पदोन्नति नहीं हो पाएगी।” इस तरह डराकर लेन-देन की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही थी। जैसे ही यह गंभीर मामला और कुछ विभागों द्वारा प्रमोशन न किए जाने की शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचीं, उन्होंने तुरंत कैबिनेट में अफसरों को गंभीरता बरतने की चेतावनी दी और शाम तक का अल्टीमेटम देकर पूरा ब्यौरा मांग लिया।

👀 प्रमोशन के नाम पर अटकाने वाले अफसरों में हड़कंप

मुख्यमंत्री सचिवालय के इस कड़े और त्वरित कदम के बाद मंत्रालय के उन विभागों में हड़कंप मच गया है, जो अब तक प्रमोशन की फाइलों को ठंडे बस्ते में डाले हुए थे। अब क्षेत्र के कर्मचारियों और अधिकारी संगठनों की नजरें आज शाम अपलोड होने वाले आंकड़ों पर टिकी हैं कि किस विभाग ने असल में काम किया है और किसने सिर्फ फाइलों को घुमाया है।

स्रोतः सामान्य प्रशासन विभाग (GAD), मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश पत्रक संख्या एवं मुख्यमंत्री सचिवालय समीक्षा बैठक कार्यवृत्त।

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